ये 18 साल की लड़की कौन है, जिसने ऐसे-ऐसे दो अद्भूत छक्के जड़े, जिसका दीवाना पूरा स्टेडियम हो गया, कोई उसकी खूबसूरती की तारीफ कर रहा था तो कोई उस खूबसूरत शॉट की, कोई उसे लेडी शाहीन अफरीदी बता रहा था तो कोई लेडी सूर्या कह रहा था लेकिन असल में वो पाकिस्तानी खिलाड़ी आयशा नसीम थी, जिसने भारत के लिए 150 का विशाल स्कोर खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाई, 25 गेंदों में 43 रनों की पारी ने भारत पर ऐसा दबाव ला दिया था कि हर खिलाड़ी दबाव में दिख रहा था, लेकिन भारतीय शेरनियों ने हार नहीं मानी, और उसके बाद फील्ड पर वो हुआ जिसकी उम्मीद पाकिस्तानी कप्तान बिस्माह मशरूफ को भी नहीं थी.

150 के स्कोर का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की ओपनर यस्तिका भाटिया ने चौके के साथ खाता खोलकर अपने इरादे बता दिए, और फिर शैफाली वर्मा ने भी शानदार शॉट जड़कर जल्दी जीत दिलाने की कोशिश की लेकिन 14वें ओवर तक तीन विकेट गिरने के बाद ऐसा लगा कि टीम इंडिया के हाथ से ये मैच निकलने वाला है. कप्तान हरमनप्रीत कौर भी आउट होकर पवेलियन लौट चुकी थे, इत्तेफाक ये था कि हरमनप्रीत का कैच पाकिस्तान की कप्तान बिम्साह ने पकड़ा, जिसके बाद कमेंटेंटर भी कहने लगे कि कप्तान को कप्तान ने तो आउट कर दिया पर खेल अभी बाकी है, टीम इंडिया की उपकप्तान स्मृति मंधाना चोट की वजह से मैच से बाहर थी, और पूरा दारोमदार हरमनप्रीत पर ही था, इसलिए उन्होंने सबसे पहले पाकिस्तान को सस्ते में पवेलियन भेजने का गुर बॉलर्स को दिया, और पावरप्ले में ये रणनीति काम भी आई, लेकिन बिस्माह और सिद्रा की जोड़ी जब ताबड़तोड़ रन बटोरने लगी, कोई भी गेंदबाज उन्हें आउट नहीं कर पा रहा था तब हरमनप्रीत ने इशारे से कहा बाउंसर डालो और उसके बाद राधा यादव ने वही रणनीति अपनाई तो सफलता भी मिली, लेकिन इस मैच में कई ऐसी गलतियां भी हुईं जिसे दूर करना भारत के लिए जरूरी होगा. लेकिन हम वो गलतियां आपको बताएं उससे पहले सुनिए भारत ने आखिरी वक्त में पाकिस्तान को पटखनी कैसे दी.

दरअसल 18वें ओवर तक ऐसा लग रहा था कि मैच पाकिस्तान के पक्ष में जा रहा है लेकिन 18वें ओवर में तीन चौके जड़कर ऋचा घोष ने मैच का रूख ही पलट दिया और फिर जेमिमा ने विनिंग चौका लगाकर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ये बता दिया कि हम अपनी गलतियों से हार सकते हैं, हमें हराना हो तो अगली बार पूरी तैयारी के साथ आना. साउथ अफ्रीका में हुए इस मुकाबले में मिली जीत के बाद ये उम्मीद है कि भारतीय बेटियां वर्ल्ड कप जीतकर ही लौटेंगी, लेकिन इसके लिए उन्हें अभी और मेहनत करना होगा. फिलहाल तो भारतीय फैंस भी यही चाहते थे कि साल की शुरुआत पर भारतीय शेरनियां पाकिस्तान को हार का स्वाद चखाए, और वर्ल्ड कप लाने का जो काम रोहित की टीम पिछले साल नहीं कर पाई वो इस साल भारतीय बेटियां कर दिखाए और इस उम्मीद को पूरा करने की दिशा में पहला कदम भारत ने आगे बढ़ा भी लिया है, पर इसे जीत में बदलने के लिए कुछ गलतियां जरूर सुधारनी होंगी.

रोहित शर्मा की टीम ने जो गलतियां वर्ल्ड कप में की थी, वैसी ही गलतियां इस मैच में भी हो रही थी, शुरुआती दो विकेट झटकने के बाद महिला टीम के खिलाड़ियों ने कैच छोड़े, आखिरी 5 ओवर में 50 से ज्यादा रन लुटा दिए, मिस फील्डिंग की, यहां तक कि कुछ रन पाकिस्तान को खैरात में दे दिए. लेकिन कहते हैं खैरात के रनों से मैच नहीं जीता जाता.

जो रन खैरात में मिले थे उसे जेमिमा और ऋचा घोष की जोड़ी ने ऐसे वापस लिए जैसे उन पर उनका ही हक हो, और भारत ने 7 विकेट से पाकिस्तान को हराकर ये मुकाबला जीत लिया, नए साल में वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की इस पहली हार पर आप क्या कहना चाहेंगे.