हरियाणा के तेज़ गेंदबाज अंशुल कांबोज ने रणजी ट्रॉफी में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने केरल के खिलाफ खेले गए मैच में एक ही पारी में सभी 10 विकेट चटकाए, जो रणजी ट्रॉफी के इतिहास में तीसरी बार हुआ है. इससे पहले यह कारनामा राजस्थान के प्रदीप सुंदरम और बंगाल के प्रेमांग्शु चटर्जी ने किया था. अंशुल ने अपनी टीम हरियाणा के लिए यह शानदार उपलब्धि हासिल की, जिससे उनकी गेंदबाजी कौशल की सराहना हो रही है.
इस मैच के तीसरे दिन, अंशुल ने 30.1 ओवर में 49 रन देकर सभी 10 विकेट झटके. इस शानदार प्रदर्शन से केरल की टीम 291 रन पर सिमट गई. अंशुल ने मैच के दूसरे दिन तक 8 विकेट लिए थे, और तीसरे दिन उन्होंने केरल के दोनों अहम बल्लेबाजों—बासिल थंपी और शॉन रोजर को आउट कर टीम को पूरी तरह से ढेर कर दिया. इस पारी में उनका प्रदर्शन न केवल हरियाणा के लिए ऐतिहासिक था, बल्कि रणजी ट्रॉफी में भी एक नई मिसाल कायम की.
बात करें अंशुल के करियर की, तो उन्होंने अपनी पहली-class क्रिकेट में 18 मैचों में 47 विकेट लिए हैं. अंशुल की तेज़ गेंदबाजी और कड़ी मेहनत के कारण वह हरियाणा के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक बन गए हैं. आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 3 मैचों में 2 विकेट भी झटके थे. अंशुल का आगामी आईपीएल सीज़न में चयन नहीं हुआ है, लेकिन उनकी घरेलू क्रिकेट में यह सफलता उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई है.
इससे पहले हरियाणा के गेंदबाज जोगिंदर शर्मा ने 2004-05 सत्र में विदर्भ के खिलाफ 8 विकेट लेकर रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन अब अंशुल कांबोज ने अपने इस शानदार प्रदर्शन से जोगिंदर शर्मा का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया.
अंशुल कांबोज की हाल की उपलब्धियों में Duleep Trophy 2024 में शानदार गेंदबाजी और Emerging Teams Asia Cup के लिए इंडिया ए टीम में चयन भी शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने विजय हज़ारे ट्रॉफी में भी हरियाणा की टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. अंशुल की कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें हरियाणा क्रिकेट का स्टार बना दिया है.