2024 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच पर्थ में खेला जा रहा है, और पहले ही दिन कई रिकॉर्ड टूट गए हैं. किसी ने नहीं सोचा था कि पहले दिन ही 15 से अधिक विकेट गिरेंगे और भारत को पहले ही पारी में सिर्फ 150 रन पर समेट दिया जाएगा. पर्थ की पिच ने तेज गेंदबाजों को काफी मदद दी, और इसके परिणामस्वरूप भारतीय टीम बड़ी जल्दी आउट हो गई. हालांकि, जब ऑस्ट्रेलिया की बारी आई, तो भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को उसी पिच पर उलझा दिया और उन्हें बुरी तरह से परेशान किया.
जब भारत के 150 रन पर ऑल आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने मैदान में कदम रखा, तो पहले दो ओवरों में ही 13 रन बन चुके थे. इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने ऐसी कड़ी गेंदबाजी की कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटते गए. बुमराह के शानदार प्रदर्शन ने यह सुनिश्चित किया कि 38 रन तक ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी.
यह घटना ऑस्ट्रेलिया के लिए एक बड़ा झटका थी, क्योंकि यह 44 सालों में दूसरी बार था जब ऑस्ट्रेलिया की टीम टेस्ट मैच में अपने घर पर 40 रन से पहले पांच विकेट गंवा चुकी थी. इससे पहले 1980 में जब दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा किया था, तो 2016 में होबार्ट टेस्ट में यह स्थिति एक बार फिर देखने को मिली थी. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम 17 रन तक पवेलियन लौट गई थी, और भारतीय गेंदबाजों का दबदबा साफ नजर आ रहा था.
जसप्रीत बुमराह ने अपनी गेंदबाजी से साबित कर दिया कि वह भारतीय टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी हैं. उन्होंने अपनी गेंदबाजी से कंगारू टीम के शीर्ष बल्लेबाजों को सस्ते में आउट किया. इस प्रदर्शन के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया को यह याद दिला दिया कि पर्थ की पिच पर सिर्फ तेज गेंदबाजों का ही बोलबाला है.
इसके अलावा, भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की पारी का यह तीसरा सबसे कम स्कोर था, जब 1981 के टेस्ट मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को केवल 83 रन पर ऑल आउट कर दिया था.
इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन ने भारत को मजबूती से मैच में वापस ला दिया और यह संकेत दिया कि इस सीरीज में भारत एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में खड़ा है.