Hathras Stampede: हाथरस मामले में बाबा का नाम FIR से गायब, क्या दबाव में हैं CM योगी?

Global Bharat 03 Jul 2024 3 Mins 769 Views
Hathras Stampede: हाथरस मामले में बाबा का नाम FIR से गायब, क्या दबाव में हैं CM योगी?

अभिषेक शांडिल्य

GLOBAL BHARAT TV के पास हाथरस कांड का ऐसा सबूत है. जो आपकी आंखें खोल देगा! क्या CM योगी पर कोई ऐसा राजनीतिक दबाव है जो उन्हें रोक रहा है? योगी के चेहरे का रंग क्यों उड़ा है? हाथरस की घटना के पीछे क्या पक रहा है? क्या बीजेपी में कोई है जो बाबा को बचाना चाहता है? एक तरफ योगी बुलडोज़र भेजने की तैयारी कर चुके थे, दूसरी तरफ बुलडोज़र रोकने का आदेश कहां से आया?

आधी रात को ही बाबा के मैनपुरी आश्रम के बाहर UP पुलिस ने छावनी में बदल दिया था, फिर अचानक वो एक्शन कमज़ोर क्यों होने लगा? हाथरस में कुछ तो ऐसा हुआ है जो खुली आंखों से दिखाई नहीं देगा. सुबह करीब 10 बजे योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे. UP के डीजीपी प्रशांत कुमार खुद छाता लिए योगी के पीछे खड़े रहे. लेकिन यहां योगी को कोई बात परेशान कर रही है.

क्या योगी को पता है कि उनके पीछे हाथरस में कुछ ऐसा खेल हो रहा है जो नहीं होना चाहिए? कौन है बीजेपी के नेता जो योगी के पीछे हाथरस के बाबा को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. कौन हैं वो सांसद, कौन हैं वो अधिकारी जो बाबा को अभी भी बचा रहा है?

योगी आदित्यनाथ का घटना के कुछ घण्टे बाद बयान आता है कि घटना का दोषी कोई भी हों हम कड़ी सज़ा देंगे. यही बयान UP के डीजीपी प्रशांत कुमार 2 जून की रात करीब 8 बजे दोहराते हैं. फिर यही बयान यूपी के मुख्य सचिव रात को ही देते हैं कि सीएम सर ने कहा है जो दोषी होगा उसपर एक्शन लेंगे, तो फिर सवाल उठता है सुबह होते ही पूरा खेल उल्टा कैसे हो गया.

बाबा का राजनीतिक प्रभाव

  • बाबा का राजनीतिक कद बड़ा है, लगभग 35 विधानसभा सीटों पर सीधा प्रभाव है!
  • बाबा जाटव समाज से आते हैं इसलिए अखिलेश यादव का पूरा आशीर्वाद होता है!
  • मैनपुरी, इटावा, एटा, फर्रूखाबाद, कानपुर, हाथरस, आगरा, मेरठ तक बाबा का असर है!
  • ग्राउंड रिपोर्ट दावा करती है कि लोकसभा चुनाव में बाबा ने अखिलेश को सपोर्ट किया!

बुधवार सुबह 10 बजे एक पहली रिपोर्ट आती हैं. ये पेपर बहुत कुछ कहता है. एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में DM को सौंपते वक्त जो लिखा है. उससे कई सवाल उठ रहे हैं. क्या बाबा को बचाने की कोई जल्दी कर बैठा है. उपजिलाधिकारी सिकंदराराऊ ने ये जो लिखा है वो क्या कहता है? उन्होंने लिखा कि बाबा प्रवचन के बाद निकल रहे थे, उसी दौरान भीड़ उनके चरणों को छूने के लिए उनकी तरफ बढ़ी.

बाबा एटा की तरफ निकले. जनता बाबा की तरफ ना बढ़े इसलिए बाबा की प्राइवेट आर्मी में मौजूद कमांडो ने भक्तों के साथ धक्का मुक्की की. वहीं से भगदड़ मची. FIR की कॉपी में भी बाबा का नाम नहीं है. भगदड़ वाली रिपोर्ट में बाबा को कहीं गलत नहीं ठहराया गया है. SDM की ये रिपोर्ट ही कोर्ट तक जाएगी, तो क्या बाबा को यहां बचाया गया? बाबा की सुरक्षा में तैयान कमांडो जेल जाते भी हैं तो क्या होगा? बाबा तो बच जाएंगे?

बाबा का कनेक्शन दिल्ली के नेताओं से भी हैं. बताया जा रहा है कि पश्चिम यूपी के कई नेता बाबा के चरणों की धूल लेते थे. यहां तक कि ये धूल लेने वालों में कई चौंका देने वाले नेताओं का नाम भी हवा में उड़ रहा है. तो क्या योगी आदित्यनाथ को कदम पीछे खींचना पड़ा? क्या बाबा के आश्रम पर बुलडोज़र नहीं चलेगा, क्या बाबा के शीशमहल की खुदाई नहीं होगी. एक आम इंसान इतना पावरफुल कैसे हो सकता है? क्या इसकी जांच नहीं हो सकती है?

योगी को देखकर साफ लगता हैं उनकी रातों की नींद उड़ी हैं. रातभर अधिकारियों के साथ बात करते, मीटिंग करते रहे. सुबह हाथरस पहुंचे लेकिन हाथ खाली क्यों है? जिन योगी के नाम से बड़े बड़े माफिया डरते हैं उनकी पुलिस एक बाबा की तलाश क्यों नहीं कर पा रही है? क्या बाबा को बचाने वाला भी बीजेपी ही बैठा है और बाबा को मिटाने वाला भी बीजेपी में है?

दुनिया जानती हैं बाबा को मिटाने वाले योगी हैं, लेकिन बचाने वाला कौन है. इसका खुलासा जल्द हो जाएगा! क्योंकि जैसा योगी का स्टाइल है वैसा एक्शन हाथरस में दिख नहीं रहा है. अस्पताल में भावुक योगी की क्या मजबूरी है कि उन्हें बुलडोज़र पर ब्रेक लगवाना पड़ा.

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