बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) 2025 का आयोजन 30 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. इस सीजन में कुल सात टीमें हिस्सा लेंगी. लेकिन इस नए सीजन से पहले एक बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ है, जो BPL के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. यह विवाद विदेशी खिलाड़ियों को उनके वेतन के भुगतान में हो रही देरी और कुछ मामलों में भुगतान न होने को लेकर है.
वेतन के भुगतान में देरी का मुद्दा
बांग्लादेश प्रीमियर लीग 2024 के समाप्त होने के बाद, विदेशी खिलाड़ियों ने भुगतान में देरी की शिकायत की थी. इन खिलाड़ियों ने वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) से संपर्क किया और शिकायत की कि उन्हें उनके अनुबंध के अनुसार वेतन का भुगतान नहीं किया गया. WCA को इन खिलाड़ियों से कुल 3.5 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 2.9 करोड़ रुपये) के भुगतान का मामला प्राप्त हुआ है.
किस टीम पर बकाया है?
एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन खिलाड़ियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, वे पिछले सीजन की उस टीम से संबंधित हैं, जो इस सीजन में BPL में भाग नहीं ले रही है. माना जा रहा है कि यह टीम ढ़ाका, चटगांव चैलेंजर्स, या कमिला विक्टोरियन्स हो सकती है. इन टीमों के खिलाफ बकाया राशि लगभग 84 लाख रुपये (1 लाख अमेरिकी डॉलर) है.
WCA और BPL प्रशासन का बयान
WCA के सीईओ, टॉम मोफैट ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा, "कई खिलाड़ियों ने पिछले सीजन के बाद से भुगतान में देरी और न भुगतान की शिकायत की है. यह सिर्फ BPL का ही नहीं, बल्कि क्रिकेट की दुनिया का एक बड़ा मुद्दा है, और हम क्रिकेट के नेतृत्व से जल्दी समाधान की अपील करते हैं."
बांग्लादेश प्रीमियर लीग गवर्निंग काउंसिल के सदस्य सचिव, नजमुल अब्दीन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि BPL प्रबंधन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और विदेशी खिलाड़ियों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है. नजमुल ने कहा कि BPL के CEO इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस पर उचित प्रतिक्रिया दी जाएगी.