नई दिल्ली: एशिया कप 2025 के रोमांचक फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को फिर से करारी शिकस्त दी, जिससे पाकिस्तानी टीम को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा. लीग चरण से लेकर सुपर फोर और अब फाइनल तक, हर मोर्चे पर हारने वाली पाकिस्तानी टीम की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब BCCI ने ट्रॉफी समारोह में PCB प्रमुख और ACC के चेयरमैन मोहसिन नकवी से पुरस्कार न लेने का ऐलान कर दिया.
इससे आहत होकर नकवी ने ट्रॉफी को सीधे होटल ले जाते हुए विवाद को नई ऊंचाई दे दी. BCCI के महासचिव देवजित सैकिया ने इस घटना को सार्वजनिक रूप से उजागर किया है. फाइनल मुकाबले से ठीक पहले ही हवा का रुख साफ था. भारतीय खेमे ने स्पष्ट कर दिया था कि जीत के बाद भी ट्रॉफी PCB प्रमुख के हाथों न ली जाएगी. फिर भी नकवी दुबई पहुंचे, लेकिन जब भारतीय कप्तान और टीम ट्रॉफी लेने नहीं उतरी, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा.
उन्होंने ट्रॉफी को अपने कब्जे में लेकर मैदान से खिसकने का फैसला किया, जो अब PCB के लिए मुसीबत का सबब बन गया है. यह ट्रॉफी पाकिस्तान की निजी संपत्ति नहीं है. एशिया कप का संचालन पूरी तरह ACC की जिम्मेदारी है, और चैंपियन भारत का इस पर पूर्ण अधिकार है. BCCI और टीम प्रबंधन ने तय किया था कि पुरस्कार किसके माध्यम से ग्रहण करना है, और इसमें किसी की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं.
नकवी का यह कदम न केवल खेल भावना के खिलाफ है, बल्कि नियमों का भी उल्लंघन करता है. BCCI अब इस घटना को हल्के में नहीं ले रहा. नकवी के इस व्यवहार पर सख्त रुख अपनाते हुए, बोर्ड ICC को औपचारिक शिकायत भेजने की तैयारी कर रहा है. टूर्नामेंट के दौरान ही ICC ने दोनों देशों के खिलाड़ियों को चेतावनी जारी की थी कि कोई भी कदम या इशारा खेल की गरिमा को ठेस पहुंचा सकता है.
ऐसे पक्षपाती रवैये के बाद, नकवी के ICC या अन्य अंतरराष्ट्रीय पदों पर बने रहने पर सवाल उठने तय हैं. PCB को भी भविष्य में बड़े आयोजनों से दूर रखने की संभावना मजबूत हो गई है. यह विवाद न केवल द्विपक्षीय तनाव को बढ़ा रहा है, बल्कि क्रिकेट की वैश्विक छवि पर भी सवाल खड़े कर रहा है. BCCI की इस कार्रवाई से पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशासन की मुश्किलें और गहरी हो सकती हैं.