नई दिल्ली: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बुधवार, 4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली IPL जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस घटना के सिलसिले में शुक्रवार को कर्नाटक के शिवमोगा जिले के निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता एच.एम. वेंकटेश ने स्टार क्रिकेटर विराट कोहली के खिलाफ बेंगलुरु के कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की. यह पुलिस स्टेशन स्टेडियम के पास स्थित है. शिकायत में कोहली को इस भगदड़ के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. पुलिस ने कहा कि इस शिकायत को पहले से दर्ज एक मामले के तहत जांचा जाएगा और इसकी जांच प्रक्रिया में सत्यता की पड़ताल की जाएगी.
भगदड़ कैसे हुई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कर्नाटक सरकार को बताया गया कि स्टेडियम के पास एक नाले के ऊपर रखी गई अस्थायी स्लैब भीड़ के वजन के कारण ढह गई. इस अचानक ढहने से लोगों में दहशत फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप भगदड़ मच गई. इस हादसे में 13 से 35 वर्ष की आयु के युवा पुरुषों और महिलाओं की जान गई. सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु पुलिस ने RCB की जीत के अगले दिन यानी बुधवार को समारोह आयोजित करने की सलाह दी थी कि इसे रविवार को आयोजित किया जाए, ताकि लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके.
हालांकि, कर्नाटक सरकार ने इस सलाह को नजरअंदाज कर समारोह को जल्दबाजी में आयोजित किया. सूत्रों ने यह भी बताया कि RCB प्रबंधन ने पुलिस से सलाह लिए बिना सोशल मीडिया पर विजय परेड की घोषणा कर दी, जिसका ट्वीट वायरल हो गया और इसे 10 लाख से अधिक बार देखा गया. बाद में RCB ने पुलिस से परेड की अनुमति मांगी, जो अस्वीकार कर दी गई. इस भगदड़ के बाद कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया. दयानंद के स्थान पर सीमांत कुमार सिंह को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है.
RCB मार्केटिंग हेड की गिरफ्तारी
बेंगलुरु पुलिस ने इस भगदड़ के सिलसिले में RCB, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA), और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है. शुक्रवार को पुलिस ने RCB के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले को बेंगलुरु हवाई अड्डे से हिरासत में लिया, जब वह कथित तौर पर मुंबई के लिए उड़ान भरने वाले थे. सोसले ने अपनी गिरफ्तारी को "अवैध" बताते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दायर की. इसके अलावा, DNA एंटरटेनमेंट के तीन कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है. कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में अब तक इस मामले में तीन FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें RCB प्रबंधन, KSCA और DNA एंटरटेनमेंट पर अपर्याप्त व्यवस्था और खराब भीड़ प्रबंधन का आरोप लगाया गया है.
यह हादसा क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक त्रासदी बन गया, जो RCB की 18 साल बाद पहली IPL जीत का जश्न मनाने के लिए स्टेडियम के बाहर इकट्ठा हुए थे. कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) द्वारा आयोजित इस समारोह में विराट कोहली और RCB कप्तान रजत पाटीदार ने स्टेडियम के अंदर प्रशंसकों को संबोधित किया, लेकिन बाहर की स्थिति अनियंत्रित हो गई. इस घटना ने आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर किया है. कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या विराट कोहली और RCB प्रबंधन को बाहर हो रही त्रासदी की जानकारी थी. कोहली ने इंस्टाग्राम पर इस घटना पर दुख जताते हुए लिखा, "शब्दों के लिए नुकसान. पूरी तरह से टूट गया."
RCB और सरकार की प्रतिक्रिया
RCB ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की. साथ ही, घायलों की मदद के लिए 'RCB Cares' नामक एक फंड शुरू करने की बात कही. कर्नाटक सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए दो जांच कमेटियाँ गठित की हैं: एक CID की विशेष जांच टीम (SIT) और दूसरी रिटायर्ड जज माइकल डी’कुन्हा के नेतृत्व में एक न्यायिक जांच. कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और सरकार को 10 जून तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.