पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक जिम्बाब्वे का दौरा किया, जहां दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे और टी20 सीरीज खेली गई. वनडे सीरीज में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को हराया, लेकिन टी20 सीरीज में पाकिस्तान को पूरी तरह से जिम्बाब्वे को हराने का मौका हाथ से निकल गया. विशेष रूप से, बुलावायो में खेले गए आखिरी टी20 मैच में जिम्बाब्वे ने पाकिस्तान को 2 विकेट से हराकर सीरीज को न जीतने दिया. यह मैच अंतिम ओवर तक रोमांचक रहा, और Tinotenda Maposa ने खुद ही जिम्बाब्वे को ऐतिहासिक जीत दिलाई.
पाकिस्तान की खराब शुरुआत
इस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, जो बाद में गलत साबित हुआ. जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज, ब्लेसिंग मुजाराबानी ने पाकिस्तान की पारी को जल्दी झटका दिया. उन्होंने पहले दो विकेट जल्दी निकाल दिए – साहिबजादा फरहान और ओमैर यूसुफ. फिर पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान खान भी सिर्फ आठ गेंदों में आउट हो गए.
इसके बाद, पाकिस्तान के मध्यक्रम ने पारी को संभालने की कोशिश की. अरेफात मिन्हास, कप्तान सलमान आगा और तय्यब ताहिर ने टीम को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन एक रन आउट ने पाकिस्तान के स्कोर पर दबाव बना दिया. अंत में, अब्बास अफरीदी और कासिम अकरम के संघर्ष से पाकिस्तान ने 132/7 का स्कोर खड़ा किया.
जिम्बाब्वे की शानदार शुरुआत
जिम्बाब्वे ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की. तादिवानाशे मरुमानी और ब्रायन बेनेट ने पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े. पावरप्ले में जिम्बाब्वे ने 56 रन बनाए. हालांकि, मध्य ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने जोरदार वापसी की. अब्बास अफरीदी ने जिम्बाब्वे को 73/1 से 85/4 पर पहुंचाया, तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच को रोमांचक बना दिया.
आखिरी ओवर में मापोसा की धमाकेदार पारी
हालांकि, मैच का नतीजा आखिरी ओवर में तय हुआ. पाकिस्तान ने पूरे जोर-शोर से मैच को बराबरी पर लाने की कोशिश की, लेकिन Tinotenda Maposa ने एक चौका और एक छक्का जड़कर मैच को रोमांचक बना दिया. आखिरी गेंद पर 12 रन चाहिए थे, और मापोसा ने 2 रन लेकर जिम्बाब्वे को 2 विकेट से जीत दिलाई.
इस रोमांचक मुकाबले ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है और आखिरी तक उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए.