केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उस खबर का खंडन किया है, जिसमें बताया गया था कि दिल्ली में नए कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. अमित शाह ने कहा है कि यह झूठ है, अब तक सबसे पहला मामला ग्वालियर में दर्ज किया गया है और यह मामला चोरी का है. वहीं इससे पहले मीडिया में दावा किया गया था कि तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत पहला मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दर्ज कर किया गया है.
खबर थी कि दिल्ली के कमला मार्केट में एक रेहड़ी वाले पर भारतीय न्याय संहिता (BNSS) के तहत कार्रवाई की गई है. बता दें कि आज से सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय अधिनियम (BNS) और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों को लागू किया गया है.
इसी बीच दिल्ली के कमाल मार्केट थाना इलाके में एक मामला दर्ज किया गया है. इसे लेकर खुद पुलिस थाने के सब इस्पेक्टर ने आरोपी रेहड़ी वाले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. जानकारी मिली है कि सब इंस्पेक्टर कार्तिक मीणा यह शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ नए कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. बताया गया है कि सब इंस्पेक्टर गश्त पर थे, इसी दौरान वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के फुट ब्रिज के पास पहुंचे तो एक रेहड़ी वाले को देखा, जो आम रास्ते को बाधित कर बिड़ी-सिगरेट बेच रहा था. जिससे वहां से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी.
तभी सब इंस्पेकटर ने उससे रेहड़ी हटाने के लिए कहा, लेकिन वहीं नहीं गया. जिसके बाद पुलिस कर्मी ने रेहड़ी वाले के खिलाफ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने और आमजन के आने-जाने में रुकावट उत्पन्न करने का मामला दर्ज किया. इसे लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय आरोड़ा ने जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस तीन नए कानूनों को लागू करने के लिए तैयार है और आज सुबह से ही नए कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज करना शुरू कर दिया गया है.
वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सीपी छाया शर्मा ने कहा कि पुरान मामलों को भारतीय दंड संहित (आईपीसी) के तहत ही सुलाझाया जाएगा, लेकिन नए मामले भारतीय न्याय संहित के निपटाए जाएंगे. उन्होंने कहा है कि एक जुलाई से जब नए मामले दर्ज किए जाएंगे तो उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत कार्रवाई होगी.
बताते चलें कि इस विधेयक को राज्यसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पेश किया था, जिसके बाद इसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया था. इस दौरान संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इन कानूनों का मकसद दंड नहीं न्याय देना है. वहीं राज्यसभा से पास होने के बाद 25 दिसंबर 2023 को इस विधेयक को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी थी और राष्ट्रपति के मंजूरी के बाद ये विधेयक कानून बन गए थे, लेकिन इनके प्रभावी होने की तारीख 1 जुलाई 24 रखी गई थी.