गंभीर-विराट के बीच 5 शर्तों पर बनी है सहमति, बड़े शाह की एंट्री से पलटा गेम!

Global Bharat 03 Aug 2024 02:27: PM 2 Mins
गंभीर-विराट के बीच 5 शर्तों पर बनी है सहमति, बड़े शाह की एंट्री से पलटा गेम!

श्रीलंका में गंभीर और कोहली एक साथ दिखे तो कईयों के मन में सवाल उठा कि जयशाह ने ऐसा कौन सा जादू किया कि दोनों विरोधी एक साथ हंसने लगे, इसकी इनसाइड स्टोरी जब हमने जानने की कोशिश की तो पता चला बड़े शाह को भी इस विवाद को शांत कराने में एंट्री लेनी पड़ी. चूंकि गौतम गंभीर बीजेपी के सांसद भी रहे हैं, और अमित शाह की बात हर सांसद मानता है, इसलिए जयशाह को जब ये लगा कि गंभीर से बातचीत का ये तरीका बेस्ट होगा तो उन्होंने पार्टी वाली पैरवी भी लगाई, क्योंकि जयशाह के दिल में बस यही चल रहा था कि किसी भी हाल में एक ऐसा कोच चाहिए जो लंबे वक्त तक टीम के साथ शानदार तरीके से काम करे और जीत दिलाए.

सूत्र बताते हैं अमित शाह ने गंभीर को ये समझाया कि किसी भी व्यक्ति के अहंकार से बड़ा देश का खेल है. ऐसी ख़बर है कि पहले तो दोनों दिग्गजों ने इस पूरे मामले पर चुप्पी बनाये रखी, शायद दोनों ये चाहते थे कि इस मामले पर सामने वाला पहले कुछ बोले फिर कुछ बोला जाए. लेकिन जब दोनों में से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था तो बीसीसीआई सचिव ने दोनों को बुलाकर आमने-सामने ऐसी मीटिंग करवाई जो काफी कम देखने को मिलती है.

गौतम गंभीर और विराट कोहली को एक ही टेबल पर बैठाया. माहौल काफी गंभीर और तनावपूर्ण था, क्योंकि दोनों के बीच का इतिहास किसी से छिपा नहीं था. जय शाह ने सबसे पहले दोनों को समझाया कि वे पुरानी बातों को भुलाकर टीम के हित में सोचें और भविष्य की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करें. उसके बाद मीटिंग में कुल पांच बातों पर सहमति बनी है.

पहला- पारस्परिक सम्मान- जय शाह ने जोर देकर कहा कि टीम के सफल संचालन के लिए कोच और खिलाड़ियों के बीच सम्मान का होना अत्यंत आवश्यक है. गौतम गंभीर और विराट कोहली दोनों ने इस बात पर सहमति जताई और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने का वादा किया.

दूसरा- टीम की प्राथमिकता- विराट कोहली और गौतम गंभीर ने स्वीकार किया कि उनके बीच के मतभेदों का असर टीम के प्रदर्शन पर नहीं पड़ना चाहिए. दोनों ने टीम की जीत को अपनी प्राथमिकता बनाने का संकल्प लिया.

तीसरा- स्पष्ट बातचीत- गंभीर और कोहली ने इस सुझाव को स्वीकार किया कि हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा की जाएगी. टीम हमेशा गलतफहमियों से दूर रहेगी.

चौथा- गंभीर और कोहली दोनों ने सहमति जताई कि टीम के प्रत्येक खिलाड़ी के लिए विशेष योजना बनाई जाए और उसे सख्ती से लागू किया जाए.

पांचवां- ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल- गंभीर और कोहली दोनों ने सहमति जताई कि वे किसी भी नकारात्मकता को दूर रखकर टीम में सकारात्मकता फैलाएंगे. ड्रेसिंग रूम का माहौल पॉजिटिव रखा जाएगा.

इस बैठक के बाद यह साफ हो गया कि भारतीय क्रिकेट टीम के कोच और खिलाड़ी के रूप में गौतम गंभीर और विराट कोहली का रिश्ता एक नए अध्याय की शुरुआत करने के लिए तैयार है. श्रीलंका दौरे पर ये दिख भी चुका है, पर गंभीर की नजर हमेशा से आईसीसी टूर्नामेंट पर रही है, वो खिलाड़ियों की चोट और छुट्टी पर खास फोकस करने वाले हैं, गंभीर को करीब से जानने वाले लोग कहते हैं, वो समस्याएं पालते नहीं, बल्कि उनका समाधान करते हैं, और जबसे टीम इंडिया के कोच बने हैं, एक-एक कर दिक्कतें दूर करने में लगे हैं, क्योंकि कोच का काम ही टीम को शानदार माहौल देना होता है.

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