भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने हाल ही में रोहित शर्मा की कप्तानी पर अपनी राय दी और उन्होंने यह बताया कि क्यों रोहित की खराब बैटिंग प्रदर्शन उनकी कप्तानी पर असर डाल रहा है. एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में भारत को हार का सामना करना पड़ा, और यह रोहित शर्मा की लगातार चौथी हार थी. इससे पहले, न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से हार का सामना करने के बाद, रोहित की कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे. हरभजन सिंह का मानना है कि जब एक बड़ा खिलाड़ी जैसे रोहित शर्मा रन नहीं बना पाते, तो उसपर दबाव बनता है, जो कप्तानी को भी प्रभावित करता है.
हरभजन सिंह का बयान
हरभजन सिंह ने कहा, "जब ऐसे बड़े खिलाड़ी रन नहीं बनाते, तो यह चिंता का विषय बन जाता है. रोहित ने भारत के लिए बहुत रन बनाए हैं, और हम सभी जानते हैं कि उनकी क्षमताएं क्या हैं. लेकिन जब वह लगातार रन नहीं बना पाते, तो उनका खुद पर दबाव बनता है, जो उनके कप्तान के तौर पर प्रदर्शन पर भी असर डालता है."
हालांकि, हरभजन ने यह भी कहा कि यह केवल एक असफलता है और वे उम्मीद करते हैं कि रोहित जल्द ही फॉर्म में लौटेंगे. उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि रोहित जल्द ही फॉर्म में लौटेंगे. Brisbane जैसी जगहों पर उनके लिए बेहतर कंडीशंस होती हैं. इसलिए उन्हें इस मैच को पीछे छोड़कर आगे की ओर देखना होगा. टीम के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना होगा."
रोहित शर्मा का प्रदर्शन और टीम की स्थिति
रोहित शर्मा ने इस साल के पहले छह टेस्ट मैचों में 455 रन बनाए थे, जिसमें उनका औसत 45.50 था और इस दौरान टीम इंडिया ने 5 मैचों में जीत हासिल की थी. लेकिन इसके बाद के छह मैचों में, रोहित केवल 142 रन ही बना पाए, और उनका औसत गिरकर 23.66 पर पहुंच गया. इस दौरान, टीम इंडिया ने केवल 4 मैचों में जीत दर्ज की.
यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि रोहित का व्यक्तिगत प्रदर्शन और टीम की सफलता एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. जब रोहित रन नहीं बना रहे होते, तो टीम को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
रोहित को चाहिए मानसिक मजबूती
हरभजन सिंह का मानना है कि रोहित को मानसिक तौर पर मजबूत होकर आगे बढ़ना होगा. कप्तान के लिए यह जरूरी है कि वह खुद को दबाव से बाहर निकाले और टीम के प्रदर्शन पर फोकस करें. उन्होंने कहा, "कप्तान को यह समझना चाहिए कि टीम सबसे पहले है, और व्यक्तिगत प्रदर्शन को अगले मैचों में सुधारने के लिए काम करना होगा."
रोहित शर्मा एक बड़े खिलाड़ी हैं, और हरभजन सिंह की बातों से यह साफ है कि उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन, खासतौर पर बैटिंग में, उनकी कप्तानी पर असर डाल रहा है. अब यह देखना होगा कि रोहित शर्मा किस तरह से इस दबाव को अपने ऊपर से हटाकर, आगामी मैचों में अपनी कप्तानी और बैटिंग में सुधार करते हैं.