नई दिल्लीः 5 मैचों की सीरीज का तीसरा टी20 टीम इंडिया के लिए बेहद शर्मनाक रहा, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी, और उनका पहला गलत फैसला साबित हुआ, इंग्लैंड की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 171 रन बनाए, जिसके जवाब में उतरी टीम इंडिया सिर्फ 145 रन बना पाई, नतीजा 26 रनों से टीम इंडिया हार गई, लेकिन इस हार के पीछे अगर कोई जिम्मेदार है, तो वो तीन लोग हैं.
पहले हैं टीम इंडिया के बैट्समैन, जिसमें पहला नाम है संजू सैमसन का, जो 6 गेंद में 3 रन बनाकर आउट हो गए, अभिषेक शर्मा 24 और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 14 रनों की पारी खेली, तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या ने सही पार्टरनशिप की कोशिश की, पर बाद के बैट्समैन इतने फिसड्डी निकले कि इनकी पारी भी नाकाम नजर आई, और गंभीर ने जो प्रयोग किया था, 9वें नंबर का खिलाड़ी मैच जीतेगा, वो फ्लॉप होता नजर आया, हार के बाद सूर्यकुमार यादव बैट्समैन पर ही इसका ठीकरा फोड़ते नजर आए, लेकिन यहां हार के दूसरे गुनाहगार भी हैं, और वो हैं कोच गौतम गंभीर.
जो हर हाल में धोनी से महान बनना चाहते हैं, उन्हें लगता है वर्ल्ड कप वाला क्रेडिट नहीं मिला, तो अब टीम इंडिया में नए-नए प्रयोग करके वो तमगा हासिल कर लेंगे, पर जिस दिन कोच बने हैं, कोई न कोई विवाद सामने आते रहता है, पर्थ के हीरो जब एडिलेड में जीरो साबित हुए उस वक्त भी गंभीर की बड़ी गलती नजर आई, वो ड्रेसिंग रूम का माहौल इतना खराब कर चुके हैं कि उन पर कई खिलाड़ी खुलकर आरोप लगाने लगे हैं, यहां तक कि बीसीसीआई मीटिंग में गंभीर को ये कहना पड़ा कि जूनियर खिलाड़ियों को संभालकर रखना होगा.
अब खिलाड़ी सम्मान की बात नहीं करेंगे, सुझाव नहीं देंगे, नए सलाहों का स्वागत नहीं होगा तो फिर टीम इंडिया कैसे जीतेगी, गंभीर इस बात को बिल्कुल भी स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि कोई उनके बताए रास्ते से थोड़ा भी उलट चले, वो अपने आप को सुपरमैन मान चुके हैं, और यही सुपरमैन वाली गलती टीम इंडिया को बार-बार भारी पड़ रही है, ऐसा नहीं है कि गंभीर युग में टीम इंडिया मैच नहीं जीत पाई है, कुछ मैच जीते भी हैं, लेकिन बड़े मैच गंवाए भी हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या गंभीर का बाकी खिलाड़ियों से रिश्ता ठीक नहीं है, जिसका असर परफॉर्मेंस पर दिख रहा है, ये सवाल इसलिए गंभीर है, क्योंकि इंग्लैंड की टीम जो लगाता दो हार से टूटी हुई थी, उसके 9वें नंबर के खिलाड़ी शानदार पार्टनरशिप करते हैं.
इंग्लैंड ने 147 रन के स्कोर पर ही 9 विकेट गंवा दिए थे. यहां से आदिल रशीद और मार्क वुड ने आखिरी गेंद तक बैटिंग की. दोनों ने 10-10 रन बनाए और 24 रन की पार्टनरशिप की. दोनों की पार्टनरशिप से इंग्लैंड ने 171 रन का स्कोर बना लिया. ये बात सूर्यकुमार यादव भी स्वीकार करते हैं कि आदिल रशीद ने टीम इंडिया से मैच छीन लिया, आदिल ने एक विकेट भी लिया, लेकिन कोई ये नहीं कहता कि हमें उन खिलाड़ियों से सीखना चाहिए, जब बड़े-बड़े धुरंधर ही फेल हो जाएं तो फिर बाकी के खिलाड़ियों से क्या उम्मीद की जा सकती है, सूर्या जो टी20 के कभी बादशाह हुआ करते थे.
कप्तानी मिलते ही ऐसे फ्लॉप हुए हैं, जैसे सारा फोकस ड्रेसिंग रूम के गॉसिप और बाकी चीजों पर हो गया हो, एक्सपर्ट कहते हैं गंभीर को अगर धोनी की तरह टीम को बनाना है तो उन्हें ये समझना होगा कि उस वक्त धोनी की टीम में 11 खिलाड़ी पिच पर भले ही दिखते थे, पर एक-एक खिलाड़ी भूमिका अहम होती थी, यहां शमी बॉलिंग में फेल हुए तो बैटिंग में कोई कमाल दिखा पाएगा, इसकी उम्मीद नहीं दिखती, वो तो भला हो वरुण चक्रवर्ती का जिन्होंने 5 विकेट निकालकर टीम इंडिया को बड़े संकट से उबारने की कोशिश की, पर बल्लेबाजों ने सारा भद्द पीट दिया.
वरुण चक्रवर्ती का नाम उन बॉलर की लिस्ट में जुड़ गया, जहां कोई भी अपना नाम नहीं देखना चाहेगा, एक गेंदबाज के 5 विकेट लेने के बाद अक्सर टीम जीत जाती है, लेकिन वरुण चक्रवर्ती की किस्मत में शायद जीत वाला रिकॉर्ड नहीं लिखा था, नतीजा टीम इंडिया हार गई, आप इस शर्मनाक हार पर क्या कहना चाहेंगे, आपके हिसाब से हार का जिम्मेदार कौन है, कमेंट कर अपनी राय जरूर दीजिए, क्योंकि ऐसे ही मैचों के परफॉर्मेंस का असर फिर बड़े टूर्नामेंट में भी दिखता है.