पेरिस ओलंपिक 2024 की शुरुआत 26 जुलाई 2024 से हो रही है, जो 11 अगस्त तक चलेगा. भारत ने इस ओलंपिक में 117 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जिसमें एथलेटिक्स के 29, निशानेबाजी के 21 और हॉकी के 19 खिलाड़ी शामिल हैं. इनमें से 40 खिलाड़ी पहली बार ओलंपिक में भाग ले रहे हैं. ओलंपिक इतिहास में भारत अब तक सिर्फ 2 गोल्ड मेडल जीत पाया है, कुल 35 मेडल भारत के नाम हैं. इस बार भारत के कितने मेडल जीतने की उम्मीद है, यह सवाल सबके मन में है.
पिछले ओलंपिक, टोक्यो 2020 में भारत ने 7 मेडल जीते थे, जो ओलंपिक इतिहास में भारत का सर्वोत्तम प्रदर्शन था. इस बार सवाल है कि क्या भारत अपने पिछले प्रदर्शन को आगे बढ़ा पाएगा और दहाई के आंकड़े तक पहुंच पाएगा. टोक्यो ओलंपिक में भारत ने 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. अब आइए, जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जिनसे भारत को मेडल की उम्मीदें हैं.
एथलेटिक्स- एथलेटिक्स के जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा की उम्मीदें फिर से ऊंची हैं. उन्होंने टोक्यो में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा था. नीरज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और पेरिस ओलंपिक में भी मेडल जीतने की उम्मीद है. उनके पास लगातार दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने का मौका है, जैसा कि सुशील कुमार और पीवी सिंधु ने किया था.
बैडमिंटन- बैडमिंटन में पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत भारत के प्रमुख खिलाड़ी हैं. पीवी सिंधु ने टोक्यो में रजत पदक जीता था और इस बार गोल्ड की ओर अग्रसर होंगी. वहीं, पुरुष सिंगल्स में श्रीकांत की फॉर्म बेहतर है. इसके अलावा, चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी से भी गोल्ड या सिल्वर की उम्मीदें हैं. लक्ष्य सेन और एचएस प्रणॉय भी सिंगल्स में मेडल की उम्मीद जगा सकते हैं.
हॉकी- हॉकी में भारतीय पुरुष और महिला टीमों से मेडल की बड़ी उम्मीदें हैं. पुरुष टीम ने 2023 में एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में चौथा स्थान हासिल किया था, जबकि महिला टीम भी बहुत मजबूत है. हर भारतीय की उम्मीद है कि हॉकी टीम कम से कम एक मेडल जीतेगी.
बॉक्सिंग- बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन और निकहत जरीन से मेडल की उम्मीद है. निकहत 50 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड जीत सकती हैं, क्योंकि वह वर्ल्ड चैम्पियन हैं.
कुश्ती- कुश्ती में अंशु मलिक, अंतिम पंघल और अमन सहरावत को भारत का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है. हालांकि, भारतीय कुश्ती महासंघ के विरोध के कारण खिलाड़ियों की तैयारी पर इस बार बहुत असर पड़ा है.
निशानेबाजी- निशानेबाजी में मनु भाकर और सिफ्ट कौर सामरा से मेडल की उम्मीद है. सिफ्ट कौर ने 50 मीटर एयर राइफल थ्री पोजीशन में वर्ल्ड कप जीता है, और उन्हें गोल्ड की उम्मीद है.
वेटलिफ्टिंग- मीराबाई चानू भारत की एकमात्र वेटलिफ्टर हैं. वे इस बार कम से कम सिल्वर मेडल जीतने की दावेदार हैं, और यदि वे मेडल जीतती हैं, तो वह ओलंपिक में 3 मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय बन जाएंगी. भारत के सभी एथलीट अपने देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं, और हम सबकी शुभकामनाएं उनके साथ हैं.