दुनियाभर के क्रिकेट बोर्ड, जब ये सोच रहे थे जयशाह के ICC के चेयरमैन बनने के बाद हमारा क्या होगा, पाकिस्तान में जयशाह के नाम पर मातम मन रहा था, उसी वक्त गौतम गंभीर ऐसी धमाकेदार एंट्री लेते हैं, इंग्लैंड के धुरंधरों की हवा खराब हो जाती है, वो सोचने लगते हैं कि कुछ ही महीनों में गंभीर ने ऐसा कौन सा प्लान बना दिया कि टीम इंडिया टेस्ट में न सिर्फ हमसे आगे निकली, बल्कि 5 घंटे में ही उसने 5 बड़े रिकॉर्ड को धराशायी कर दिया. 27 सितंबर को भारत-बांग्लादेश के बीच शुरू हुआ दूसरा टेस्ट मैच, पहले दिन एक ही सेशन खेला गया, बाकी के दो दिन खराब आउटफील्ड और लाइटिंग के चलते मैच नहीं हुआ, जबकि चौथे दिन रोहित सेना उतरी तो खुद रोहित ने बांग्लादेशी गेंदबाजों को दिन में ऐसे तारे दिखाए कि शंटों की पूरी सेना धराशायी हो गई.
कानपुर टेस्ट मैच ऐतिहासिक क्यों
रोहित ने सिर्फ 11 गेंद खेली लेकिन इतनी तेज खेली कि 3 ओवर में भारत ने 50 रन बना दिए.
10.2 ओवर में 100, 14 ओवर में 150 और 24 ओवर में करीब 250 का आंकड़ा टीम इंडिया ने छू लिया.
सबसे तेज पचासा, शतक, 150, 200 और 250 का जो रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के नाम था, वो सब भारत के नाम हो गया.
ये सब हुआ, गौतम गंभीर की कोचिंग और रोहित सेना की शानदार डेडिकेशन की बदौलत. यशस्वी जायसवाल ने जिस तरीके से रोहित का साथ दिया, और आक्रमक पारी खेली, उसके बाद लोग बैजबॉल को जैसबॉल भी कहने लगे हैं, हर कोई 22 साल के इस लड़के की चर्चा कर रहा है. और ये कह रहा है कि टीम इंडिया ने दुनियाभर के दिग्गजों को बैजबॉल का एक नया फॉर्मेट भी दे दिया, जिसमें 5 दिन का टेस्ट मैच, सिर्फ 6 सेशन यानि 2 दिन में खत्म हो जाता है, लेकिन टीम इंडिया के इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद स्टेडियम से दो ऐसी तस्वीरें आती हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरत में पड़ जाता है.
पहली तस्वीर विराट कोहली और ऋषभ पंत की होती है, जिसमें कोहली पंत पर गुस्सा होते दिखते हैं, दरअसल एक गेंद पर कोहली रन के लिए नहीं दौड़ना चाहते थे, पर पंत जबरन रन का कॉल लेते हैं, जबकि कायदे से वहां रन नहीं बन रहा होता था, इससे नाराज कोहली पंत पर भड़क जाते हैं, लेकिन अगले ही पल पंत विराट को गले लगाकर उनका गुस्सा शांत करवा देते हैं. हालांकि कई लोग कहते हैं विराट का गुस्सा रन को लेकर ही नहीं बल्कि इस बात को लेकर भी था क्योंकि टेस्ट मैच में बार-बार उनका पॉजिशन बदला जा रहा है.
विराट अक्सर नंबर 4 पर खेलते हैं, लेकिन इस बार विराट को नंबर 5 पर भेजा गया, उनसे पहले गंभीर और रोहित ने पंत को भेजने का फैसला लिया, जिस पर कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर को भी गुस्सा आ गया. लेकिन ये गुस्सा इंडिया के जीतते ही ठंडा पड़ गया. पर बीसीसीआई अभी बीसीसीआई गुस्से में है, क्योंकि इस मैच के दौरान जो हुआ है, उसने सबको हैरत में डाल दिया. लोग बकायदा सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड जो बारिश में हेयर ड्रायर से पिच सुखाता है, वो बारिश न होने के बावजूद भी मैच नहीं करवा पाता, उसकी आउटफील्ड गिली हो जाती है, इस चर्चा ने बीसीसीआई की इतनी किरकिरी करवाई है कि वहां भी कानपुर की ही चर्चा है. बीसीसीआई से जुड़े सूत्र बताते हैं कि, "कानपुर के स्टेडियम में अब कोई इंटरनेशनल मैच होना एक सपने की तरह ही है, अब कानपुर की बजाय लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ही इंटरनेशनल मैच होगा."
इससे लखनऊ की तो लॉटरी लग जाएगी, लेकिन कानपुर में मैच न होने पर कई तरह के सवाल भी उठेंगे, और कानपुर में सवाल सिर्फ पिच को लेकर ही नहीं सुरक्षा को लेकर भी उठे, जब एक बांग्लादेशी फैंस से मारपीट की बात सामने आई, हालांकि बाद में पुलिस ने कहा कि उसकी तबियत बिगड़ गई थी. ऐसे में कानपुर में टीम इंडिया जीती जरूर लेकिन काफी किरकिरी भी हुई है, दोबारा ऐसा न हो, इसका इंतजाम बीसीसीआई को जरूर करना चाहिए, लेकिन मैनेजमेंट से हटकर अगर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखें तो इंग्लैंड के बैजबॉल का जवाब टीम इंडिया ने जैसे दिया है, उस पर आप क्या कहेंगे, अपनी राय जरूर दें, क्या आपको भी लगता है दुनिया को क्रिकेट देने वाले इंग्लैंड के भी हम अब गुरु बन गए हैं.