कुछ ही दिन पहले, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के टेस्ट कोच के पद से इस्तीफा दे दिया. गिलेस्पी की यह घोषणा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई. कोचों के बार-बार बदलने से पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को काफी परेशानियाँ हो रही हैं, क्योंकि नए कोच के तरीके समझने में खिलाड़ियों को समय लगता है. इस बार गिलेस्पी ने इस्तीफा देने के बाद कुछ अहम बातें भी साझा की हैं, जिनसे पता चलता है कि उनका इस्तीफा एक गंभीर मुद्दे से जुड़ा है.
जेसन गिलेस्पी ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) उन्हें कोच के तौर पर आगे नहीं देखना चाहता था. उनका इस्तीफा उच्च-प्रदर्शन कोच टिम नीलेसन की हटाने और टीम के साथ संवाद की कमी के कारण था. गिलेस्पी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान क्रिकेट के अंदर जो घटनाएँ घटीं, उनके बाद उन्हें लगा कि अब उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.
उनकी नाराजगी का कारण यह था कि PCB ने उन्हें और टिम नीलेसन को अच्छे तरीके से जवाब नहीं दिया. गिलेस्पी का मानना था कि उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अच्छा काम किया था. उन्होंने बताया कि वह शान मसूद, जो पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान हैं, के साथ अच्छे संबंध रखते थे. इस साल पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज़ 2-1 से जीतने में सफलता हासिल की थी, लेकिन इसके बावजूद PCB ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया.
गिलेस्पी ने अप्रैल में पाकिस्तान के टेस्ट कोच के रूप में जिम्मेदारी ली थी. उनकी कोचिंग के पहले ही मैच में पाकिस्तान को बांगलादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज़ में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि, इसके बाद गिलेस्पी ने टीम को इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दिलाई, जो पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी.
लेकिन इसके बावजूद, PCB से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण गिलेस्पी ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया. उनका इस्तीफा पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक चुनौती बनी हुई है, क्योंकि अब एक बार फिर से टीम को नए कोच की तलाश करनी होगी.