नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में राष्ट्रीय खेल दिवस (प्रतिवर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है) के अवसर पर आयोजित लड़के और लड़कियों के बीच एक कबड्डी मैच ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. इस मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इस आयोजन पर आपत्ति जताई और इसे "अनुशासनहीनता" करार देते हुए आयोजकों पर सवाल उठाए.

हालांकि, बहस ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब महिला खिलाड़ियों ने स्वयं इन आरोपों को खारिज कर दिया. खिलाड़ियों ने कहा कि यह मैच उनकी सहमति से खेला गया था और इसमें कुछ भी अनुचित नहीं था. एक खिलाड़ी ने कहा, "हम जिला और राज्य स्तर पर भी लड़कों के साथ अभ्यास करते हैं, इसलिए अनुशासनहीनता का कोई सवाल ही नहीं उठता." एक अन्य खिलाड़ी ने वीडियो पर सवाल उठाने को "निराधार" बताया और जोर देकर कहा कि यह खेल उनकी मर्जी से खेला गया था. उन्होंने कहा कि खेल को राजनीति में घसीटने से केवल खिलाड़ियों का मनोबल कम होता है.
BJP ने कांग्रेस की आपत्तियों पर पलटवार करते हुए उस पर खेल को राजनीति में घसीटने का आरोप लगाया. BJP नेता अनिल पांडे ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के विवादास्पद बयानों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, न कि खिलाड़ियों को निशाना बनाना चाहिए.
पूर्व प्रदेश कांग्रेस समिति (PCC) अध्यक्ष जीतू पटवारी के महिलाओं को शराब से जोड़ने वाले पिछले बयानों का जिक्र करते हुए पांडे ने कहा कि उस समय पार्टी चुप रही, लेकिन अब बच्चों के खेल को विवाद में बदल रही है. उन्होंने कहा, "विपक्ष अनावश्यक रूप से खेल का राजनीतिकरण कर रहा है. खेल का उद्देश्य अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा देना है, न कि खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कम करना."