पेरिस ओलंपिक में मनु ने जीता दूसरा मेडल, सरबजोत सिंह के साथ मिलकर रचा इतिहास

Global Bharat 30 Jul 2024 02:29: PM 2 Mins
पेरिस ओलंपिक में मनु ने जीता दूसरा मेडल, सरबजोत सिंह के साथ मिलकर रचा इतिहास

भारत की स्टार शूटर मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है. वह ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली देश की पहली एथलीट बन गयी, उन्होंने महिलाओं के व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में कांस्य पदक जीता था. अब मनु ने मंगलवार को सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भारत को एक और कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है. मनु एक और कांस्य पदक जीतने के साथ ही एक ही ओलंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बन गई हैं.

पेरिस ओलंपिक 2024 के चौथे दिन भारतीय शूटिंग दल ने एक और ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया जब मनु भाकर और सरबजोत सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम शूटिंग इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया. इस प्रतियोगिता में भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की टीम को 16-10 के स्कोर से हराया और देश की झोली में दूसरा मेडल दिलाया.

मनु भाकर ने इस ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. वह स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी एथलीट बन गई हैं जिन्होंने एक ही ओलंपिक इवेंट में दो मेडल जीते हैं. इससे पहले, मनु ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में भी कांस्य पदक जीता था. मनु से पहले नॉर्मन प्रिचर्ड ने 1900 के खेलों के दौरान एथलेटिक्स में दो रजत पदक जीते थे. तब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था. प्रिचार्ड के बाद कोई भी भारतीय एथलीट एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने में कामयाब नहीं हुआ था. हालांकि, कुछ भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने अपने करियर में ओलंपिक खेलों में कुल मिलाकर दो मेडल जीते जरूर हैं लेकिन ओलंपिक के अलग अलग संस्करण में जीते हैं. इनमें सुशील कुमार और पीवी सिंधू शामिल हैं. सुशील ने लंदन 2012 में रजत पदक जीतने से पहले बीजिंग 2008 खेलों में कांस्य पदक जीता था. ऐसा करते ही वह स्वतंत्रता के बाद दो अलग-अलग ओलंपिक में एक से अधिक पदक जीतने वाले भारत के पहले व्यक्तिगत एथलीट बन गए थे. सुशिल कुमार के बाद बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू ने रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. यह पहली बार था जब भारत ने ओलंपिक बैडमिंटन में रजत पदक जीता था. सिंधू ने बाद में टोक्यो 2020 में कांस्य पदक जीता. मनु भाकर से पहले सिंधू ओलंपिक खेलों में 2  मेडल जीतने वाली भारत की एकमात्र महिला एथलीट थी, हालांकि उन्होंने ऐसा दो अलग-अलग ओलंपिक संस्करणों में किया है.

मनु भाकर का यह प्रदर्शन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर में मील का पत्थर साबित हुआ है बल्कि भारतीय खेलों के इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है. मनु की कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. उनके इस शानदार प्रदर्शन ने देशभर के युवाओं को प्रेरित किया है और यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कुछ भी असंभव नहीं है.

सरबजोत सिंह के साथ मिलकर, मनु ने इस मिक्स्ड टीम इवेंट में भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया. दोनों ने मिलकर एक सशक्त टीम बनाई और उनकी तालमेल ने उन्हें इस खेल में आगे बढ़ाया. दक्षिण कोरिया के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मुकाबले में, दोनों ने आत्मविश्वास और धैर्य के साथ प्रदर्शन किया और 16-10 के निर्णायक स्कोर से जीत दर्ज की.

मनु भाकर और सरबजोत सिंह की इस सफलता ने भारतीय शूटिंग का भविष्य उज्ज्वल बना दिया है. भारतीय शूटिंग दल ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और इस ओलंपिक में भी यह सिलसिला जारी रखा. भारतीय शूटिंग संघ और कोचों की मेहनत और खिलाड़ियों के समर्पण ने इस सफलता को संभव बनाया है.

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