भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 22 नवम्बर से शुरू होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को लेकर एक दिलचस्प चर्चा उठी है. जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तो मोहम्मद शमी का नाम चर्चा में था, लेकिन उन्हें इस सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं दी गई. इसके बाद से शमी को लेकर कई तरह की अटकलें लग रही हैं, खासकर बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद. खबरें हैं कि उन्हें बीसीसीआई की रणनीति के तहत बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया में शामिल किया जा सकता है.
शमी को मिलेगा 'सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी' में खेलने का मौका
बीसीसीआई ने मोहम्मद शमी को 23 नवम्बर से शुरू हो रही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेलने के लिए चुना है. बंगाल का पहला मैच पंजाब से होगा. यह इस बात को साबित करता है कि शमी पहले टेस्ट मैच में भाग नहीं लेंगे, क्योंकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले टेस्ट का मुकाबला 22 नवम्बर से शुरू हो रहा है.
दूसरे टेस्ट में हो सकती है वापसी
सूत्रों के अनुसार, शमी दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया का हिस्सा बन सकते हैं. उनकी फिटनेस को बीसीसीआई की मेडिकल टीम और चयनकर्ता सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन को देखकर आंका जाएगा. यदि शमी की फिटनेस सही रही और उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा, तो उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट में शामिल किया जा सकता है.
चयनकर्ताओं का फिटनेस को लेकर सतर्क रुख
हालांकि शमी ने रणजी ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन किया और उनकी गेंदबाजी में लय लौटती हुई नजर आई, लेकिन चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं. शमी को एक गंभीर चोट के बाद रिकवर होना पड़ा था, और अब उन्हें पूरी तरह फिट होने के बाद ही भारतीय टीम में शामिल करने का फैसला लिया जाएगा. चयनकर्ता चाहते हैं कि शमी दोनों प्रारूपों (लाल और सफेद गेंद) में अपनी फिटनेस को साबित करें, ताकि टीम इंडिया के लिए कोई जोखिम न लिया जाए.