नई दिल्ली: नीट परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बीच राजस्थान के झुंझुनूं जिले में रहने वाले दिवंगत छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार को आर्थिक सहायता मिलने जा रही है. उदयपुरवाटी के गुढ़ा गौड़जी गांव के निवासी प्रदीप की मौत के बाद उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई थीं. अब छात्र संगठन NSUI ने उनके परिवार की मदद का फैसला किया है. संगठन परिवार को 11 लाख रुपए की मदद देने वाला है. यह राशि 26 मई 2026 को परिवार को सौंपी जाएगी.
कर्ज लेकर पढ़ाई कराई थी
परिवार ने बताया था कि बेटे को डॉक्टर बनाने के सपने के लिए उन्होंने 11 लाख रुपए का कर्ज लिया था. घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने प्रदीप की पढ़ाई और कोचिंग में कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों ने प्रदीप को गहरे तनाव में डाल दिया. परिजनों के अनुसार, परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया, जिसके बाद उसने आत्महत्या का कदम उठा लिया.
NSUI ने जुटाई मदद
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने देशभर से 11 लाख रुपए की राशि जुटाई है. यह मदद सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि छात्र समुदाय की तरफ से परिवार के प्रति एकजुटता और संवेदना का संदेश भी है. 26 मई को विनोद जाखड़ खुद प्रदीप के घर पहुंचकर यह राशि परिवार को सौंपेंगे.
विनोद जाखड़ ने कहा कि प्रदीप की मौत एक सामान्य घटना नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार और लापरवाही का दर्दनाक नतीजा है. एक गरीब परिवार ने इतना बड़ा कर्ज लेकर बेटे का सपना पूरा करने की कोशिश की, लेकिन सिस्टम की खामियों ने सब कुछ छीन लिया.
NSUI ने सरकार से मांग की है कि नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए. साथ ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाए. यह मदद परिवार के लिए तत्काल राहत तो होगी ही, साथ ही परीक्षा सुधार को लेकर चल रही बहस में एक नया आयाम भी जोड़ेगी.