बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024–25 भारतीय क्रिकेट के लिए कई यादगार पलों की गवाह बनी है. इस सीरीज में नितीश कुमार रेड्डी ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की और शानदार प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया. मेलबर्न में खेले जा रहे चौथे टेस्ट में उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक जड़ा. उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी ने न केवल उन्हें सुर्खियों में ला दिया, बल्कि उन्हें सीरीज का सबसे बड़ा छक्के लगाने वाला बल्लेबाज भी बना दिया.
छक्कों में ट्रैविस हेड को पीछे छोड़ा
नितीश रेड्डी ने इस सीरीज में अब तक सबसे ज्यादा 8 छक्के लगाए हैं. ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड, जिन्होंने दो शतक लगाए हैं, 4 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं. यानी नितीश ने हेड से दोगुने छक्के लगाए हैं. उनकी यह काबिलियत दर्शाती है कि वे बड़े शॉट्स लगाने में कितने माहिर हैं.
टीम इंडिया को बचाया संकट से
मेलबर्न टेस्ट के चौथे दिन नितीश का शतक टीम इंडिया के लिए संजीवनी साबित हुआ. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 474 रन बनाए थे. इसके जवाब में भारतीय टीम ने दूसरे दिन के खेल तक 164/5 का स्कोर बनाया. उस वक्त ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम जल्द ही ऑल आउट हो जाएगी.
चौथे दिन जब भारतीय टीम का स्कोर 221/7 हो गया, तब नितीश रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर ने कमाल की साझेदारी करते हुए 8वें विकेट के लिए 127 रन जोड़े. यह साझेदारी टीम के लिए नई जान साबित हुई. नितीश ने शानदार शतक लगाया, जबकि सुंदर ने अर्धशतक बनाया.
तीन दिन के खेल के बाद स्थिति
तीन दिन के खेल के बाद भारतीय टीम ने 358/9 का स्कोर बना लिया है. नितीश रेड्डी 105* रन पर नाबाद हैं, जबकि उनके साथ मोहम्मद सिराज 2* रन बनाकर खेल रहे हैं. फिलहाल टीम इंडिया पहली पारी में 116 रनों से पीछे है.
नितीश का यह प्रदर्शन न केवल उनके करियर के लिए मील का पत्थर है, बल्कि टीम इंडिया के लिए भी एक उम्मीद की किरण है. उनकी इस पारी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा.