नई दिल्ली: पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती हमले के बाद श्रीलंका के क्रिकेट दौरे को जारी रखवाने के लिए सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सीनेट को बताया कि हमले के बाद जब श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने दौरा जारी रखने में हिचकिचाहट दिखाई, तो मुनीर ने सीधे श्रीलंका के शीर्ष अधिकारियों से बात की.
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार देर रात पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत के बाद पाकिस्तान का दौरा जारी रहेगा. नकवी, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष भी हैं, ने सीनेट में कहा कि हमारे फील्ड मार्शल ने खुद श्रीलंका के रक्षा मंत्री और सचिव से बात की और उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया.
नकवी ने आगे कहा कि धमाके के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने वापस लौटने का फैसला किया था. उन्होंने कहा, "हमने उनसे बातचीत शुरू की. उनके बोर्ड, खिलाड़ी और सभी ने बहुत हिम्मत के साथ यहां रुकने का फैसला किया." नकवी ने बताया कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों की कई चिंताएं थीं, लेकिन हमने सभी को दूर करने की कोशिश की.
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भी अपने खिलाड़ियों से बात करके उन्हें आश्वस्त किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने श्रीलंकाई टीम के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है.नकवी ने यह भी बताया कि जिम्बाब्वे की टीम पाकिस्तान पहुंच चुकी है और बाकी मैच रावलपिंडी में होंगे. यह सीरीज, जो मूल रूप से 17 नवंबर से शुरू होने वाली थी, अब एक दिन बाद 18 नवंबर से शुरू होगी. सभी मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के बजाय रावलपिंडी में खेले जाएंगे, जो मूल रूप से टी20 मैचों की मेजबानी के लिए चुना गया था.
यह बदलाव मंगलवार को इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती धमाके के बाद किया गया, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई. धमाका पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच पहले वनडे मैच से ठीक पहले हुआ था, जो रावलपिंडी में शुरू होने वाला था. श्रीलंका के खिलाड़ी पहले भी पाकिस्तान में इस तरह के खतरे का सामना कर चुके हैं. 2009 में लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम जाते समय टीम बस पर बंदूकधारियों ने हमला किया था, जिसमें छह क्रिकेटर घायल हुए थे और छह पाकिस्तानी पुलिसकर्मी तथा दो नागरिक मारे गए थे.