भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के पहले टेस्ट मैच में भारत ने तीन तेज़ गेंदबाज़ों, एक तेज़ गेंदबाज़ ऑलराउंडर और एक स्पिन ऑलराउंडर के साथ अपनी गेंदबाजी टीम बनाई थी. इस मैच में रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी स्पिनरों को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया था. अब, ये दोनों दिग्गज गेंदबाज़ों को एडीलेड में खेले जाने वाले पिंक बॉल टेस्ट के लिए भी टीम में शामिल नहीं किया गया है.
पुजारा का बयान
भारत के सीनियर बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान कमेंट्री भी कर रहे हैं, ने जडेजा और अश्विन को टीम से बाहर करने के बारे में अपनी राय दी है. पुजारा ने कहा कि पहले टेस्ट मैच में भारत की गेंदबाजी बेहद प्रभावी रही. भारत ने अपनी गेंदबाजी में तीन तेज़ गेंदबाज़ों और एक ऑलराउंडर को शामिल किया था, जोकि एक मजबूत संयोजन था.
पुजारा ने आगे कहा कि, “टीम इंडिया के गेंदबाजी आक्रमण में सभी विकल्प मौजूद थे, और यह सही समय था कि स्पिन गेंदबाज़ों की जगह को लेकर थोड़ा बदलाव किया जाए. एडीलेड के पिंक बॉल टेस्ट में यह रणनीति अहम हो सकती है.”
वॉशिंगटन सुंदर का महत्व
पुजारा ने भारतीय टीम के लिए वॉशिंगटन सुंदर की अहमियत को भी उजागर किया. उन्होंने कहा कि सुंदर, जो एक अच्छे स्पिन गेंदबाज़ के साथ-साथ बल्लेबाज भी हैं, पिंक बॉल टेस्ट में टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. पुजारा ने कहा, “अगर हम जल्दी विकेट खोते हैं और मध्य क्रम को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है, तो वॉशिंगटन सुंदर को निचले क्रम में बल्लेबाजी में योगदान देने के लिए भेजा जा सकता है.”
टीम इंडिया की रणनीति
भारत की टीम में जडेजा और अश्विन की जगह सुंदर का चयन एक रणनीतिक बदलाव प्रतीत होता है. यह बदलाव पिंक बॉल टेस्ट के दौरान गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में टीम की मजबूती को ध्यान में रखते हुए किया गया है. भारत को उम्मीद है कि इस रणनीति से वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे.
एडीलेड टेस्ट में भारत की गेंदबाजी रणनीति और सुंदर के योगदान को लेकर सभी की नजरें टिकी होंगी.