टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच खेले गए 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में स्टार बल्लेबाज सरफराज खान को स्क्वाड में मौका मिला लेकिन प्लेइंग 11 में वो जगह नहीं बना पाए. टीम इंडिया में मौका नहीं मिला लेकिन ईरानी कप में मुंबई की प्लेइंग 11 में उन्हें शामिल किया गया और ईरानी कप के इतिहास में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिया जो सचिन तेंदुलकर से लेकर सुनील गावस्कर तक नहीं कर पाए. ईरानी कप में मुंबई की तरफ से खेलते हुए रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ उन्होंने डबल सेंचुरी ठोककर इतिहास रच दिया. सरफराज खान ने 253 गेंदों में 200 रन बनाकर इतिहास रच दिया.
दरअसल सरफराज ने अपनी डबल सेंचुरी पूरी करने के बाद भारतीय चयनकर्ताओं को एक बार फिर उनके बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. सरफराज खान ने इरानी कप के इतिहास में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड स्थापित किया. दरअसल, इरानी कप की शुरुआत 1960 में हुई थी, और इस दौरान कोई भी मुंबई का खिलाड़ी डबल सेंचुरी नहीं बना पाया था. सरफराज खान पहले मुंबई के क्रिकेटर हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की.
इस पारी के दौरान, सरफराज़ ने 79.1 के स्ट्राइक रेट से रन बनाये और उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाने वाले मुंबई के बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी तोड़ा. इससे पहले, यह रिकॉर्ड रामनाथ पार्कर के नाम था, जिन्होंने 1972 में 195 रन बनाये थे. सरफराज अब एक और ख़ास लिस्ट में शामिल हो गए हैं. वे इरानी कप में डबल सेंचुरी बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाजों में चौथे स्थान पर हैं. उनसे पहले प्रवीण आमरे (22 साल और 80 दिन), गुंडप्पा विश्वनाथ (25 साल और 255 दिन), और यशस्वी जायसवाल (21 साल और 63 दिन) का नाम है.
इसके अलावा, सरफराज खान फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 4000 रन बनाकर भारतीय खिलाड़ियों की सबसे बेस्ट औसत वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में पहले स्थान पर विजय मर्चेंट हैं, जिनकी औसत 81.8 रन है. सरफराज की औसत 69.6 है, जबकि अजॉय शर्मा 68.7 के औसत के साथ तीसरे स्थान पर हैं.