मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन यशस्वी जायसवाल के रन आउट होने को लेकर क्रिकेट जगत में विवाद छिड़ गया है. यह घटना तब हुई जब जायसवाल 86 रन पर खेल रहे थे और उन्हें विराट कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाना था. दोनों के बीच समन्वय की कमी के कारण जायसवाल रन आउट हो गए. इस घटना ने क्रिकेट समुदाय को दो हिस्सों में बांट दिया है. कुछ लोग विराट कोहली का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ फैंस और विशेषज्ञ यशस्वी जायसवाल के पक्ष में खड़े हो गए हैं.
स्टीव स्मिथ ने दी अपनी प्रतिक्रिया
वहीं इस घटना पर स्टीव स्मिथ, जो इस समय मैदान पर मौजूद थे, ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, "जायसवाल ने रन लेने का इशारा किया था, लेकिन विराट ने उसे वापस बुला लिया. मुझे सिर्फ इतना ही देखा और सुना, इसके अलावा कुछ नहीं." स्टीव स्मिथ का यह बयान इस घटना को लेकर क्रिकेट जगत में और अधिक चर्चा का विषय बन गया.
इरफान पठान और संजय मांजरेकर में बहस
टीवी पर इस घटना को लेकर एक तगड़ी बहस भी देखने को मिली. इरफान पठान और संजय मांजरेकर के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस हुई. इरफान ने विराट कोहली का समर्थन किया, जबकि संजय मांजरेकर ने कोहली को दोषी ठहराया और कहा कि कोहली को रन लेने के लिए तैयार होना चाहिए था. इस विवाद ने एक नई दिशा ले ली, जब क्रिकेट के दिग्गज और कमेंटेटर इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय देने लगे.
सुनील गावस्कर का बयान
इस मामले पर दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा, "अगर विराट कोहली चाहते तो वह दौड़ सकते थे. यह पूरी तरह से उनकी जिम्मेदारी थी कि वह रन लेने के लिए तैयार होते." गावस्कर का यह बयान भी इस विवाद को और बढ़ा गया, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट रूप से विराट कोहली पर जिम्मेदारी डाल दी.
क्या हुआ था उस दौरान?
यह घटना भारतीय पारी के 41वें ओवर में हुई, जब विराट कोहली और यशस्वी जायसवाल की साझेदारी 102 रन पर पहुंच चुकी थी. जायसवाल ने एक शॉट मिड-ऑन की तरफ खेला और तुरंत दौड़ने लगे, लेकिन विराट कोहली ने कुछ कदम आगे बढ़कर रन न लेने का फैसला किया. इस दौरान, जायसवाल बिना विराट को देखे नॉन-स्ट्राइकर एंड की ओर दौड़ पड़े. इसी दौरान, विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने बेल्स उड़ा दिए और जायसवाल का रन आउट हो गया.