भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हाल के समय में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, जो उनके फैंस और आलोचकों के लिए चिंता का विषय बन गया है. इस साल बांगलादेश और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों में कोहली ने केवल एक अर्धशतक बनाया और उनका औसत सिर्फ 21.33 का रहा. हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारत को 0-3 से टेस्ट सीरीज में हार का सामना भी करना पड़ा था, और इस दौरान कोहली को संघर्ष करते हुए देखा गया था.
लेकिन अब, भारत के पूर्व कोच और विराट कोहली के मेंटर रहे रवि शास्त्री ने कोहली का समर्थन किया है और उन्हें आगामी बॉर्डर-गवस्कर ट्रॉफी के लिए उत्साहित किया है. शास्त्री का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाली यह टेस्ट सीरीज़ कोहली के लिए शानदार साबित होगी.
रवि शास्त्री ने अपनी बात ICC रिव्यू में रखते हुए कहा, “द किंग (विराट कोहली) अपनी बेहतरीन फॉर्म में लौट आया है. जब आपने ऑस्ट्रेलिया में बेहतरीन प्रदर्शन किया हो, तो विरोधी टीम हमेशा आपके बारे में सोचकर डरती है.” शास्त्री का यह बयान विराट कोहली के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला था, खासकर जब उनकी फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे.
शास्त्री ने कोहली को सलाह दी कि वह शुरुआत के ओवरों में धैर्य रखें. उन्होंने कहा, "आपकी ऊर्जा बहुत अधिक है, लेकिन धैर्य भी जरूरी है. अगर आप शुरुआती आधे घंटे में संयम से खेलते हैं, तो यह आपको लम्बी पारी खेलने में मदद करेगा." शास्त्री का यह संदेश कोहली के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के पिचों पर तेज गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होता और यहां संयमित खेल जरूरी होता है.
विराट कोहली ने पहले ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन किया है. 2011-12 में अपने पहले टेस्ट दौरे में उन्होंने एडिलेड में शतक जड़ा था. फिर 2014 में, उन्होंने चार टेस्ट मैचों में 692 रन बनाए थे, और उस दौरान उनका औसत 86.50 था. 2018-19 में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज़ जीती, जिसमें कोहली का योगदान अहम था और उन्होंने पर्थ में 123 रन की शानदार पारी खेली थी.
रवि शास्त्री का मानना है कि कोहली की क्षमता को देखते हुए वह जल्द ही अपनी खोई हुई फॉर्म वापस पा सकते हैं और बॉर्डर-गवस्कर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं.