क्रिकेट के खेल में मैच फिक्सिंग एक गंभीर अपराध है. जो खिलाड़ी इसमें शामिल होते हैं, उन्हें इसके उजागर होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला दक्षिण अफ्रीका से सामने आया है, जहां 8 साल पुराने मैच फिक्सिंग कांड के चलते तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया गया है. इन खिलाड़ियों में थामी सोलेकिले, लोनवाबो त्सोतोबे और एथी मबलाती शामिल हैं.
इन खिलाड़ियों को क्रमशः 18, 28 और 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया. इन पर आरोप है कि 2015-16 में खेले गए टी20 राम स्लैम चैलेंज टूर्नामेंट में इन्होंने मैच फिक्सिंग में हिस्सा लिया था.
यह गिरफ्तारी डीपीसीआई (डायरेक्टोरेट फॉर प्रायोरिटी क्राइम इन्वेस्टिगेशन) की सीरियस करप्शन इंवेस्टिगेशन यूनिट ने की है. इस मामले की जांच 2016 में एक व्हिसलब्लोअर की सूचना के बाद शुरू हुई थी. क्रिकेट साउथ अफ्रीका के एंटी-करप्शन ऑफिसर ने गुलाम बोदी की संदिग्ध गतिविधियों को उजागर किया था, जिसके बाद यह मामला सामने आया.
थामी सोलेकिले और लोनवाबो त्सोतोबे पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2004 (PRECCA) के तहत पांच आरोप लगाए गए हैं. दोनों खिलाड़ियों ने 29 नवंबर 2024 को प्रिटोरिया स्पेशलाइज्ड कमर्शियल क्राइम कोर्ट में पेशी दी. इस मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी 2025 को होगी.
जांच में यह भी सामने आया कि गुलाम बोदी ने तीन घरेलू टी20 मैचों के नतीजे प्रभावित करने के लिए कई खिलाड़ियों से संपर्क किया था. उन्होंने भारतीय सट्टेबाजों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया. 2018 में उनकी गिरफ्तारी हुई और 2019 में उन्हें 8 मामलों में दोषी पाते हुए 5 साल की सजा सुनाई गई.
गिरफ्तार हुए खिलाड़ियों में से केवल लोनवाबो त्सोतोबे ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रीय टीम के लिए खेला है. उन्होंने 5 टेस्ट, 61 वनडे और 23 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. आखिरी बार उन्होंने 2014 टी20 विश्व कप में अपनी राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था. वहीं, थामी सोलेकिले और एथी मबलाती का करियर सिर्फ लिस्ट ए और फर्स्ट क्लास क्रिकेट तक सीमित रहा.
यह मामला दिखाता है कि किस तरह मैच फिक्सिंग न केवल खिलाड़ियों के करियर को बर्बाद करती है, बल्कि खेल की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाती है. जांच जारी है, और उम्मीद है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी.