भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 22 नवंबर से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत होने वाली है. यह एक पांच मैचों की टेस्ट सीरीज होगी, जिसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. हालांकि, मोहम्मद शमी का नाम भारतीय टीम की शुरुआती घोषणा में नहीं था, लेकिन रणजी ट्रॉफी में उनकी शानदार गेंदबाजी के बाद अब उनकी टीम इंडिया में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है. शमी के बचपन के कोच मोहम्मद बद्रुद्दीन ने इस वापसी की संभावना के बारे में बात की.
शमी की वापसी की संभावना
बद्रुद्दीन के अनुसार, शमी को टीम इंडिया में शामिल करने की योजना दूसरे टेस्ट मैच से हो सकती है. उन्होंने भारतीय एक्सप्रेस से कहा, "शमी ने अपनी फिटनेस साबित कर दी है और रणजी ट्रॉफी में भी अच्छे विकेट लिए हैं. उनकी वापसी से भारतीय टीम को बहुत फायदा हो सकता है." इससे साफ है कि शमी की वापसी को लेकर अब सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, और वह दूसरे टेस्ट मैच से टीम का हिस्सा बन सकते हैं.
शमी की कड़ी मेहनत और संघर्ष
मोहम्मद शमी के लिए यह वापसी आसान नहीं रही है. उनके कोच बद्रुद्दीन ने शमी की कठिन यात्रा के बारे में बताया. उन्होंने कहा, "शमी को इस बार अपनी एंकल सर्जरी के बाद लंबा समय लगा. इस दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह के दबावों का सामना करना पड़ा." शमी को पहले अपने घुटने की सर्जरी के बाद जल्दी वापसी करनी पड़ी थी, लेकिन इस बार उन्होंने पूरी तरह से फिट होने के बाद ही मैदान पर लौटने का फैसला लिया.
शमी का मजबूत आत्मविश्वास
बद्रुद्दीन ने बताया कि शमी एक परंपरावादी खिलाड़ी हैं और वह कभी भी चोट के साथ मैदान में नहीं उतरते. वह पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद ही खेलते हैं. शमी का मानना है कि किसी भी चोट को छुपाकर खेलना सही नहीं है, और इसलिए उन्होंने अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया और आत्मविश्वास के साथ मैदान पर लौटने का निर्णय लिया. इस समय शमी की वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी उम्मीद बन चुकी है, और उनकी टीम में वापसी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और भी मजबूत कर सकती है.