2024 पेरिस ओलंपिक में भारतीय पहलवान विनेश फोगाट का डिस्क्वालिफिकेशन पूरे देश के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ. विनेश, जो अपने प्रदर्शन के कारण भारत के लिए एक उम्मीद बनकर उभरी थीं, अपने वेट कैटेगरी को मैनेज न कर पाने के कारण प्रतियोगिता से उन्हें बाहर हो पड़ा. इस घटनाक्रम के बाद विनेश ने सभी को चौंकाते हुए रोते हुए कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा की. इस निराशाजनक पल के बाद, उन्हें कोई पदक भी नहीं मिला, जिससे भारतीय खेल प्रेमियों का दिल अगल से टूट गया.
विनेश फोगाट ओलंपिक 2024 में पेरिस से लौटने के कुछ ही दिनों बाद एक और बड़ा कदम उठाया, जब उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली. उनकी इस राजनीतिक एंट्री ने काफी सुर्खियां बटोरीं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा.
दरअसल 2012 लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता और मशहूर पहलवान योगेश्वर दत्त ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. एक मीडिया इंटरव्यू में योगेश्वर दत्त ने कहा, "यह विनेश का व्यक्तिगत निर्णय है कि वह राजनीति में आना चाहती हैं या नहीं, लेकिन देश को सच जानना चाहिए. पिछले एक साल में जो कुछ भी हुआ है, चाहे वह ओलंपिक से डिस्क्वालिफिकेशन का मामला हो या विरोध प्रदर्शन का मुद्दा, इन सब में देश की छवि को गलत तरीके से दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश की गई."
ओलिंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर ने विनेश की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें ओलंपिक से डिस्क्वालिफिकेशन के बाद पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए थी. उन्होंने आगे कहा, "विनेश को यह स्वीकार करना चाहिए था कि उन्होंने गलती की, लेकिन इसके बजाय उन्होंने देश के प्रधानमंत्री को ओलिंपिक से डिसक्वालिफाई होने पर दोषी ठहराया और इसे साजिश बताया. चाहे अंतर 1 ग्राम का हो या 100 ग्राम का, सभी को नियम पता हैं और इन नियमों के अनुसार उन्हें डिस्क्वालिफाई किया गया."
योगेश्वर दत्त ने यह भी कहा कि ओलंपिक की इस घटना ने देश में गलत माहौल पैदा कर दिया. उन्होंने यह भी संकेत दिए कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कई और लोग भी शामिल थे, और यह धारणा बनी कि विनेश के साथ कुछ गलत हुआ है. उन्होंने कहा, "अगर मेरी जगह विनेश की जगह मैं डिस्क्वालिफाई होता, तो मैं पूरे देश से माफी मांगता." इस विवाद ने भारतीय खेल जगत में एक नई बहस को जन्म दिया है, जहां एक ओर विनेश के समर्थक हैं, वहीं दूसरी ओर योगेश्वर जैसे दिग्गज खिलाड़ी उनके फैसले की आलोचना कर रहे हैं.