उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लंबे समय से यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में खाली पदों पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कर दी है. सरकार ने ओबीसी आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और 18 सदस्य को नियुक्त किया है. सीतापुर से BJP के पूर्व सांसद राजेश वर्मा को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. मीरजापुर के सोहनलाल श्रीमाली और रामपुर के सूर्य प्रकाश पाल को उपाध्यक्ष बनाया है.
इसके अलावा आयोग में 24 सदस्यों को भी शामिल किया गया है. इस सभी का कार्यकाल केवल एक साल का ही होगा. इस लिस्ट में बीजेपी ने जिन लोगों को शामिल किया है उसके जरिए उपचुनाव में पिछड़ों और अति पिछड़ों को साधने की कोशिश होगी. वहीं इसमें सहयोगी दल के नेताओं को भी जगह दी गई है.
यूपी में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी किसी भी हाल में विधानसभा की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में जीत हासिल करना चाहती है. इसी कड़ी में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में सदस्यों की नियुक्ति को एक बड़ा कदम बताया जा रहा है. दरअसल लोकसभा चुनाव में पिछड़े वर्ग ने बड़ी संख्य़ा में इंडिया गठबंधन के पक्ष में वोट किया था, जिसकी वजह से पार्टी को कई जगह हार का सामना करना पड़ा था.
ऐसे में योगी सरकार अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. ओबीसी आयोग में हुई इन नियुक्तियों को इसी कड़ी में जोड़कर देखा जा रहा है. बहरहाल अब खाली पड़े पदों के भरने के बाद आम लोगों और अलग-अलग वर्गों से जुड़े मसलों की सुनवाई आसानी से हो सकेगी और पिछड़े वर्ग के लोगों को इससे लाभ मिलेगा. बता दें कि लंबे समय से पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होने की वजह से आयोग के काम रूके हुए थे, जिससे सरकार की किरकिरी हो रही थी.
राजनीतिक माहौल को देखते हुए सरकार के लिए जरूरी होता जा रहा था कि वो इन पदों को जल्दी भरदे. जिसका ऐलान शुक्रवार को कर दिया गया. माना जा रहा है कि आयोग और बोर्ड के अन्य खाली पदों को भी जल्दी भरा जाएगा, ताकी भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं का इंतजार भी खत्म हो सके.