मोदी के सबसे खास अमित शाह हैं. सबसे भरोसेमंद मंत्री एस जयशंकर हैं और सबसे खास अधिकारी अजीत डोभाल हैं ये अक्सर लोग कहते हैं. लेकिन मोदी की सबसे भरोसेमंद वो 7 महिलाएं कौन सी हैं, जिन्हें मोदी ने अपनी टीम में रखा है ये जानना बेहद जरूरी है. इसमें 6 महिलाएं राज्यमंत्री जबकि एक महिला कैबिनेट मंत्री हैं.
नंबर 1 पर हैं रक्षा खडसे- मात्र 36 साल की उम्र में इन्होंने वो कारनामा किया है जो बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर पाते. महाराष्ट्र के रावेर लोकसभा क्षेत्र से रक्षा ख़डसे दूसरी बार सांसद बनी हैं और इस बार मोदी ने सीधा उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल कर लिया. यानी मंत्री बना दिया और ये देश की सबसे युवा मंत्री हैं. इनके घर का सियासत से कोई नाता नहीं पर इनके ससुराल का सियासत से पुराना नाता है.
महाराष्ट्र के बड़े नेता एकनाथ खडसे इनके ससुर हैं. स्थानीय लोग कहते हैं कि मात्र 23 साल की उम्र में रक्षा सरपंच बनी थी और अब 35 की उम्र में सीधा दिल्ली में मंत्री बनकर इन्होंने रिकॉर्ड बना दिया. मोदी सरकार में इन्हें युवा कल्याण और खेल मंत्रालय का जिम्मा मिला है.
नंबर 2 पर हैं- सावित्री ठाकुर- 46 साल की सावित्री ठाकुर जो मध्य प्रदेश के धार से सांसद बनी हैं. गरीब घर से आती हैं. इनके घर से सियासत में कोई नहीं था. 10वीं तक किसी तरह इन्होंने पढ़ाई की और उसके बाद आदिवासी महिलाओं के लिए धीरे-धीरे इतना काम किया कि स्थानीय लोगों के बीच दीदी के नाम से लोकप्रिय हो गईं.
पहले जिला पंचायत चुनाव में जीत हासिल की फिर 2014 में सीधा बीजेपी ने टिकट दिया. जीत हासिल की फिर संगठन में चली गईं और अब 2024 में दोबारा टिकट मिला तो जीत हासिल कर सीधा महिला बाल विकास कल्याण मंत्रालय की कमान संभाल ली है. पहले ये मंत्रालय स्मृति ईरानी के पास था. पर इस बार वो मोदी कैबिनेट से आउट हो गईं हैं.
नंबर 3 पर हैं अन्नपूर्णा देवी- 55 साल की अन्नपूर्णा देवी झारखंड की कोडरमा सीट से जीती हैं. इन्होंने पति की मौत के बाद सियासत में कदम रखा. लालू यादव की पार्टी से राजनीति की शुरुआत की. स्थानीय ओबीसी जातियों के बीच इनकी पकड़ अच्छी मानी जाती है इसीलिए ओबीसी और महिलाओं को साधने के लिए मोदी कैबिनेट में इनकी एंट्री पक्की मानी जा रही थी.
नंबर 4 पर हैं- शोभा करंदलाजे- 57 साल की शोभा कर्नाटक की बेंगलुरू सीट से चुनाव जीती हैं. इन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राजीव गौड़ा को हराकर अपनी जगह बनाई और साउथ में बीजेपी की पकड़ मजबूत करने में इनकी भूमिका अहम मानी जाती है. पिछली सरकार में भी मोदी सरकार में इन्हें मंत्री बनाया था और इस बार उनकी एंट्री बरकरार रखी गई है.
नंबर 5 पर हैं निमुबेन बंभानिया- 57 साल की निमुबेन बंभानिया ने गुजरात की भावनगर लोकसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने आम आदमी पार्टी उम्मीदवार उमेश मकवाणा को साढ़े चार लाख से अधिक वोटों से हराया है यानी स्थानीय जनता में इनकी पकड़ सबसे शानदार है और मोदी हमेशा उन नेताओं को आगे बढ़ाते हैं जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत हो. निमुबेन को मोदी सरकार में खाद्य उपभोक्ता मामले का मंत्रालय दिया गया है.
नंबर 6 पर हैं अनुप्रिया पटेल- 43 साल की अनुप्रिया अपनी पार्टी चलाती हैं. इनकी पार्टी का नाम है अपना दल (एस). कुर्मी समुदाय से आने वाली अनुप्रिया पटेल यूपी के मिर्जापुर से सांसद बनी हैं. इनके पिता सोने लाल पटेल ने पार्टी बनाई थी और अब उनकी बिटिया ये पार्टी संभाल है. भारतीय राजनीति में ऐसे उदाहरण कम ही हैं कि पिता की विरासत बेटी संभाल रही हो. मोदी सरकार के तीनों कार्यकाल में ये मंत्री रही हैं. इस बार इन्हें स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय का जिम्मा मिला है.
नंबर 7 पर हैं- निर्मला सीतारमण- 65 साल की निर्मला सीतारमण तमिलनाडु की रहने वाली हैं. इनके पति मोदी सरकार के बड़े आलोचक हैं जबकि निर्मला मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्रशंसकों में से एक हैं. इन्होंने कहीं से चुनाव नहीं जीता है, बल्कि राज्यसभा सांसद हैं और पहले साल 2014, फिर 2019 और 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार में मंत्री बनी हैं.
पिछली बार की तरह इस बार भी निर्मला सीतारमण के पास वित्त मंत्रालय है. बता दें कि ये वो 7 महिलाएं हैं, जिनके जिम्मे मोदी सरकार 3.0 में बड़े-बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी है.