बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एग्जिट पोल आते ही भागे-भागे दिल्ली पहुंच गए हैं, जिससे अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. कोई कह रहा है कि नीतीश कुमार फिर एक बार महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं तो कोई कह रहा है कि नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली पहुंचे हैं.
बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार की वजह से एनडीए को कम सीटें मिले इस बात की भी संभावना जताई जा रही है, क्योंकि हाल के दिनों में नीतीश कुमार ने कुछ ऐसे बयान भी दिए हैं, जिससे लोगों लगने लगा है कि नीतीश कुमार का स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं है.
साथ ही राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में मुख्यमंत्री ही बदल जाए इस बात की भी प्रबल संभावना है, क्योंकि एग्जिट पोल में जिस प्रकार से एनडीए खासकर बीजेपी को बहुमत मिलता दिख रहा है, उससे नीतीश कुमार को लग गया है कि अब ज्यादा दिन तक वे बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहने वाले हैं.
वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार को केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है और इसके एवज में बिहार में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई मुख्यमंत्री का चेहरा बन सकते हैं. इन तमाम अटकलों के बीच एक बात तो तय है कि बिहार में आने वाले दिनों में जरूर कुछ बड़ा दिखने को मिल सकता है.
साथ ही दावा यह भी किया जा रहा है कि वित्त आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल 10 जून को पटना आ सकता है और उसके साथ बिहार सरकार की राज्य के लिए विशेष दर्जा और विशेष पैकेज की मांग पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा बिहार के लिए केंद्रीय कोष में हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग पर भी चर्चा हो सकती है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि देश में लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां उनके कुछ दिनों तक ठहरने की संभावना है. नाम का खुलासा नहीं करने की शर्त पर जनता दल (यूनाइटेड) के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि नीतीश कुमार अपनी नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं.
क्यों बनी ऐसी संभावना?
ज्ञात रहे कि लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर सातों चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है. अलग-अलग चैनलों द्वारा लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे भी जारी कर दिए गए हैं. ऐसे में अधिकांश एग्जिट पोल में यह बात सामने आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए गठबंधन एक बार फिर देश में सरकार बना सकती है.
राहुल-खरगे ने भी की मीटिंग
एक तरफ एग्जिट पोल के आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में हलचल तेज हो गई है. दरअसल कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने लोकसभा सदस्यों के संग जूम कॉल पर मीटिंग की है.