आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) का वह सम्मेलन, जो पहले 5 दिसंबर को होने वाला था, अब 7 दिसंबर को होगा. एक हालिया घोषणा के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच अब 2027 तक द्विपक्षीय क्रिकेट मुकाबले नहीं होंगे. इसका मतलब है कि न तो भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान का दौरा करेगी, और न ही पाकिस्तान की टीम भारत आएगी. यह घोषणा आगामी 7 दिसंबर को औपचारिक रूप से की जा सकती है.
भारत और पाकिस्तान के बीच 'हाइब्रिड मॉडल' का हो सकता है ऐलान
टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुसार, 7 दिसंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों के लिए एक 'हाइब्रिड मॉडल' की घोषणा की जा सकती है. इस मॉडल के तहत, भारत और पाकिस्तान अपने घरेलू देशों में एक-दूसरे से मुकाबला नहीं करेंगे. इसके बजाय, किसी तटस्थ स्थल पर मैच खेले जा सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में चल रहे मीडिया अधिकार अगले तीन सालों तक लागू रहेंगे, और इसी दौरान यह हाइब्रिड मॉडल लागू किया जा सकता है.
यह निर्णय खासतौर पर इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि भारत अगले साल पुरुष एशिया कप और महिला विश्व कप की मेज़बानी करेगा, और इसके अलावा 2026 में श्रीलंका और भारत मिलकर टी20 विश्व कप का आयोजन करेंगे. इन सभी प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान की टीम भारत में मैच नहीं खेलेगी.
पाकिस्तान का हाइब्रिड फॉर्मेट पर आग्रह, बीसीसीआई ने मंजूरी दी
पहले कुछ रिपोर्ट्स में यह कहा गया था कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पाकिस्तान के हाइब्रिड फॉर्मेट के अनुरोध को खारिज कर दिया था. हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अब बीसीसीआई ने पाकिस्तान के हाइब्रिड फॉर्मेट की मांग को स्वीकार कर लिया है.
जय शाह का पहला दिन
जब जय शाह आईसीसी कार्यालय में पहुंचे, तो उन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, कर्मचारियों और मीडिया पार्टनर्स द्वारा स्वागत किया गया. उन्होंने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और कर्मचारियों का धन्यवाद किया और कहा कि उनका पहला दिन विशेष था. इसके साथ ही, जय शाह ने भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंधों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का ख्याल रखा जाएगा.
यह फैसला भारतीय और पाकिस्तान क्रिकेट के संबंधों में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है. 2027 तक दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय क्रिकेट मैच नहीं होंगे, लेकिन हाइब्रिड मॉडल के जरिए दोनों देशों के मैच तटस्थ स्थल पर हो सकते हैं.