नई दिल्ली: किसानों से बातचीत के दौरान जयंत सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है. यूरिया की किल्लत पर उन्होंने कहा कि मेरी कुछ बंदिश है, इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता है. हालांकि इसे लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि उन पर किसी तरह का दबाव है. सही समय आने पर वह क्लियर करेंगे. उधर लोग कई तरह की अटकलें लगा रहे हैं.
दरअसल, शनिवार को राष्ट्रीय लोक दल और केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री जयंत चौधरी मुजफ्फरनगर के भौराकला के सावटू पहुंचे थे. वहां एक किसान ने उनसे यूरिया की किल्लत को लेकर शिकायत की थी. यहां उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि किसान और मजदूर जो कहेंगे, वैसा फैसला लेंगे. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी नजर मुजफ्फरनगर के खेती-किसान पर है. यहां वह सावटू गांव में स्टेडियम का उद्धाटन करने पहुंचे थे.
जयंत चौधरी ने कहा कि किसान-मजदूर ही लोकदल का एजेंडा है. इनके लिए कुछ भी करेंगे. उन्होंने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं, आपकी बदौलत हूं और जब आप कहोगे, जैसा आपको लगेगा वैसा ही फैसला लूंगा. इधर जयंत चौधरी के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. लोगों का दावा है कि जयंत चौधरी, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और यूरिया के मुद्दे पर किसान और जाटों को साधना चाहते हैं. साथ ही राष्ट्रीय लोकदल के एनडीए में शामिल रहने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.