नई दिल्ली: सुपौल विधानसभा में मतदान से महज घंटों पहले राजनीतिक पारा चढ़ गया. मंगलवार को प्रचार थमते ही जदयू उम्मीदवार के कैंप ऑफिस के बाहर हंगामा हो गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तूफान की तरह वायरल हो रहा है. इस क्लिप ने इलाके की सियासत में भूचाल ला दिया है. कांग्रेस इसे सत्ताधारी पार्टी की गुंडागर्दी बता रही है, तो जदयू वाले इसे मामूली झड़प करार देकर पल्ला झाड़ रहे हैं.
घटना की लोकेशन जदयू कैंडिडेट बीजेन्द्र यादव का चुनावी दफ्तर बताया जा रहा है. प्रचार का आखिरी दिन खत्म होने के तुरंत बाद ऑफिस के गेट पर पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं का हुजूम इकट्ठा हो गया. वायरल फुटेज में साफ दिख रहा है कि नगर परिषद के एक्स चेयरमैन और जदयू नेता जगदीश यादव (पीली जैकेट में) एक लड़के से फोन छीनने की कोशिश कर रहे हैं.
इसी बीच मंत्री के इलेक्शन एजेंट युगल अग्रवाल (नारंगी जैकेट वाले) उस युवक पर मुक्का तानते नजर आ रहे हैं. पूरी क्लिप में धक्का-मुक्की और चीख-पुकार का माहौल है. वीडियो लीक होते ही कांग्रेस उम्मीदवार मिन्नत रहमानी ने इसे लपक लिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए सत्ता पक्ष पर बरसे – कहा कि प्रचार बंद होने के साथ ही "पैसे बांटने का खेल" शुरू हो गया और यह वीडियो उसकी जीती-जागती मिसाल है.
दूसरी तरफ जदयू खेमे से तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू हो गया. युगल अग्रवाल ने सफाई दी कि कुछ शरारती लोग जानबूझकर कार्यकर्ताओं को उकसाने आए थे. उनका दावा – दफ्तर बंद था, लेकिन वे जबरन घुसे और लोगों को बंधक बनाने लगे. मौके पर पहुंचते ही उनके साथ भी मारपीट हुई, जिससे बात बिगड़ गई. पार्टी इसे असामाजिक तत्वों की साजिश बता रही है.
फिलहाल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने सुपौल की चुनावी जंग को और गरमा दिया है. मतदान से पहले ऐसे वाकये प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, और वोटर्स के बीच तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. क्या यह आंतरिक कलह है या बाहर से रची गई साजिश – जांच के बाद ही साफ होगा!