खुद को मुस्लिमों का नेता बताने वाले तौकीर रजा के साथ ये क्या हो गया, घर से बाहर निकलते ही पुलिस ने धर लिया, और साफ कहा बाहर नहीं जा सकते, यानि आसान भाषा में कहें तो घर में ही नजरबंद कर दिया, ऐसा तब होता है, जब पुलिस को लगे कि आपके बाहर निकलने से कोई कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, तो सवाल है तौकीर रजा बाहर जाकर क्या करने वाले थे, वो तो खुद ही चलकर थाने जाते, गिरफ्तारी देते, फिर पुलिस घर पर ही क्यों पहुंच गई, और वो भी एक-दो थाने की नहीं, बल्कि पूरे जिले की पुलिस फोर्स ने एक तरह से मोर्चा संभाल रखा था.
क्या थी तौकीर रजा की प्लानिंग, क्यों पहुंची पूरी पुलिस फोर्स?
इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल नाम की क्षेत्रीय पार्टी के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के घर के बाहर गलियों में करीब 500 जवान खड़े थे, पूरे शहर में एक कंपनी पीएसी और आरएफ तक की तैनाती थी. तीन एडिशनल एसपी, चार सीओ और 15 इंस्पेक्टर किसी भी हालात से निपटने को तैयार थे, तो सवाल है तौकीर रजा की प्लानिंग क्या माहौल बिगाड़ने की थी, बीजेपी का आरोप है तौकीर रजा सांप्रदायिक सद्भावना का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, इसलिए इन्हें रोकना जरूरी है, जबकि तौकीर रजा का दावा है
तौकीर रजा की सफाई – हम अमन की बात करते हैं
पूरे मुल्क के जो हालात हैं, मॉब लिंचिंग हो रही है, बुलडोजर चलाए जा रहे हैं, कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. हम अमन वाले लोग हैं, अमन की बात करने वाले लोग हैं. आज मैं भी गिरफ्तारी देना चाहता था, लेकिन मुझे घर में ही रोक दिया गया है. यह सिलसिला आज यानी 15 जून से शुरू हो गया है और 16 जून को 72 लोग गिरफ्तारी देंगे और उसके बाद 313 लोग गिरफ्तारी देंगे और यह सिलसिला हर जिले में पूरे हिंदुस्तान में चलने वाला है. पूरे हिंदुस्तान को जागरूक करना है कि हमारे देश को 11 साल से लूटा जा रहा है. 11 साल से देश को तबाह किया जा रहा है. 11 साल से बेचा जा रहा है. मैं उन तमाम लोगों को दावत दे रहा हूं जो देश से मोहब्बत करते हैं मेरे साथ इस मुहिम में शामिल हों.
बीजेपी का आरोप – तौकीर रजा माहौल बिगाड़ना चाहते हैं?
यानि तौकीर रजा पूरे देश में एक तरीके से एक नया आंदोलन खड़ा करना चाहते हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि उन्होंने गिरफ्तारी देने के लिए अपने हजारों समर्थकों को बुलाया था, पर गिने-चुने लोग ही पहले दिन इनके साथ नजऱ आए, जो साफ बता रहा है तौकीर रजा की प्लानिंग सब समझ चुके हैं. उन्होंने 2027 चुनाव से पहले यूपी में आंदोलन का खेल शुरू कर दिया है, सियासत के जानकार कहते हैं मौलाना तौकीर रजा ओवैसी की तरह अपनी पार्टी को मजबूत बनाना चाहते हैं.
इसीलिए वो कभी संभल के मुद्दे पर विवादित बोल बोलते हैं तो कभी राणा सांगा और सावरकर को लेकर सवाल उठाते हैं, उन्हें ये बात पता है कि ऐसे मुद्दे उठाकर सुर्खियों में बना रहा जा सकता है. फिलहाल उनकी प्लानिंग पर पुलिस ने पानी फेर दिया है, वो लोगों को जागरूक करने के बहाने जो करना चाहते थे, उस पर फुल स्टॉप लग गया है तो आगे की उनकी प्लानिंग क्या होगी, ये देखने वाली बात होगी. लेकिन तौकीर रजा के आरोपों पर आप क्या कहेंगे, अपनी राय जरूर दें.
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