ये वैभव का बल्ला है, जो हर दूसरी गेंद को बाउंड्री पार भेजता है, सामने इंग्लैंड हो और सेमीफाइनल का मैच हो तो 30 गेंद में ही 150 का व्यक्तिगत स्कोर खड़ा कर देता है, एक साथ दो-दो रिकॉर्ड बना लेते है, नाम वैभव सूर्यवंशी, काम हर बड़े मैच में टीम को मजबूती देने का है...बिहार का ये लाल अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऐसा चमका कि हर कोई पूछने लगा दिग्गजों से भरी टीम इंडिया में इसकी एंट्री कब होगी, वैभव को अभी और कितनी परीक्षा नेशनल टीम में आने के लिए देनी होगी, या यशस्वी जायसवाल की तरह इनकी भी किस्मत चमकने वाली है...उनके कोच से जब हमने बातचीत की, तो उन्होंने बड़ी कहानी बताई, जिस पर आएं उससे पहले वैभव का कारनामा सुनिए....
वैभव के प्रदर्शन के बदौलत ही टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ 400 पार पहुंची, और इनके फैंस ये कहने लगे कि सूर्यवंशी क्रिकेट का नया भगवान बन सकता है, हालांकि शुरुआती प्रदर्शन के बाद अगर खिलाड़ी आगे भी अनुशासित रहे, तभी ये संभव है, वरना कई ऐसे उदाहऱण हैं, जब खिलाड़ियों ने शुरुआत में शानदार खेला, पर बाद में करियर और लाइफ में बैलेंस नहीं बना पाए, और टीम से दूर होते चले गए, वैभव को मिली ये प्रसिद्धि भी यही सीख देती है कि वो विवादों से दूर रहकर मैच पर फोकस करें, उनका जो तरीका है, वो साफ बता रहा है टीम चाहे कोई भी हो, अकेला सूर्यवंशी ही उसकी लंका लगाने के लिए काफी है, और उनके कोच ने उन्हें इसी हिसाब से ट्रेंड किया है...