पटना: मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में पारंपरिक दही-चूड़ा का स्वाद फिर से छाया हुआ. तेजस्वी, उपेंद्र कुशवाहा, तेजप्रताप यादव सभी अपनी-अपनी दरफ से दावत दे रहे हैं. इस भीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी अपनी जड़ों से जुड़ाव दिखाते हुए एक खास भोज का आयोजन किया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद शामिल हुए. हालांकि इस भोज में जदयू के कई नेता शामिल नहीं हुए हैं.
यह कार्यक्रम पटना के गर्दनीबाग स्थित मंत्री एन्क्लेव में पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक रत्नेश सदा के आवास पर हुआ. जैसे ही CM नीतीश वहां पहुंचे, रत्नेश सदा ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया. अंगवस्त्र ओढ़ाया और गुलदस्ता भेंट किया.
भोज में JDU के कई बड़े नाम एक मेज पर नजर आए. राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, पूर्व मंत्री श्याम रजक के अलावा पटना की मेयर सीता साहू और राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा भी मौजूद रहे. पार्टी के विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे, जिससे पूरा माहौल उत्सव जैसा हो गया.
इस बार मेनू को खास बनाने के लिए बिहार के अलग-अलग कोनों से स्वाद इकट्ठा किए गए थे. मसलन, भागलपुर का प्रसिद्ध चूड़ा, बेगूसराय का ताजा दही, गया का लजीज तिलकुट और बेतिया का मीठा भूरा मंगवाया गया. ये सभी मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष रूप से मंगवाए गए थे. एक थाली में पूरे बिहार का रंग-बिरंगा स्वाद समा गया था.
कोशिश हुई की राज्य के हर कोने का स्वाद भोज में शामिल कर लिया जाए. यह महज खाने-पीने की महफिल नहीं थी. JDU ने इसके जरिए अपनी एकजुटता, संगठन की ताकत और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव का संदेश दिया.
राजनीतिक माहौल में थोड़ी नरमी और सौहार्द की बयार बहती दिखी. बताते चलें कि बिहार में मकर संक्रांति का मतलब सिर्फ तिल-गुड़ या पतंग नहीं, बल्कि ऐसी परंपराएं भी हैं जो संस्कृति और सियासत को एक साथ जोड़ती हैं. और इस बार JDU ने इसे बेहद शानदार तरीके से निभाया. हालांकि इसमें सियासी खिचड़ी भी पकती नजर आई.