अहमदाबाद: अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने मंगलवार को कहा कि कंपनी ने 25,000 करोड़ रुपये का भड़ला (राजस्थान)-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) का हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ऑर्डर हासिल किया है. यह AESL द्वारा जीता गया अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट के कारण AESL की ऑर्डर बुक बढ़कर 54,761 करोड़ रुपये हो गई है.
वहीं, ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 25,778 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) हो गया है. इसके अलावा, कंपनी की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 84,186 मेगावोल्ट-एम्पियर्स (एमवीए) हो गई है. AESL के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा कि कंपनी देश के कुछ सबसे दुर्गम क्षेत्रों से रिन्यूएबल एनर्जी की कुशल निकासी करके और उन्हें राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़कर भारत की डीकार्बोनाइजेशन यात्रा में अपनी भूमिका निभा रही है.
पटेल ने कहा कि हम प्रोजेक्ट को समय पर और न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव के साथ पूरा करने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे. AESL भारत की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है और अदाणी समूह का हिस्सा है. AESL ने टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के तहत प्रोजेक्ट जीता है और आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) बोली प्रक्रिया की समन्वयक थी.
इस प्रोजेक्ट की एसपीवी आधिकारिक तौर पर AESL को 20 जनवरी, 2025 को ट्रांसफर कर दी गई है. कंपनी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से भड़ला-III के अलावा राजस्थान के विभिन्न आरईजेड से उत्तर भारत के मांग केंद्रों और राष्ट्रीय ग्रिड तक 6 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पहुंचाने में मदद मिलेगी. AESL इस प्रोजेक्ट को 4.5 साल में पूरा करेगी. AESL प्राइवेट सेक्टर की एकमात्र कंपनी है, जिसके पास एचवीडीसी एसेट्स हैं.
भड़ला-फतेहपुर प्रोजेक्ट AESL का तीसरा एचवीडीसी प्रोजेक्ट है, इससे पहले मुंद्रा महेंद्रगढ़ प्रोजेक्ट और निर्माणाधीन आरे-कुदुस प्रोजेक्ट (जिसे सहायक कंपनी एईएमएल द्वारा पूरा किया जा रहा है) शामिल है. AESL के पास 25,778 सीकेएम का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क और 84,186 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी है. अपने खुदरा बिजली वितरण व्यवसाय में, अब तक, AESL महानगर मुंबई और मुंद्रा एसईजेड के औद्योगिक केंद्र में लगभग 1.3 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करती है.