Atishi Takes Charge as Delhi CM: आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की नेता आतिशी मार्लेना (Atishi Marlena) ने सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला. इस सप्ताह की शुरुआत में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) द्वारा पद की उत्तराधिकारी नामित किए जाने के बाद आतिशी ने 22 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. केजरीवाल के प्रति एक भावुक इशारा करते हुए, आतिशी ने अपनी सीएम कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखते हुए कहा कि यह कुर्सी अरविंद केजरीवाल की है. आज मैंने दिल्ली के सीएम के रूप में कार्यभार संभाला है.
आज मेरे दिल में वही दर्द है जो भरत जी के दिल में था. जैसे भरत जी ने भगवान श्री राम की पादुकाएं रखकर काम किया, मैं अगले चार महीनों के लिए सीएम के रूप में कार्यभार संभालूंगी. उन्होंने अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में केजरीवाल के दिल्ली के सीएम के रूप में लौटने पर विश्वास जताया. आतिशी ने वीडियो संदेश में नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि फरवरी में होने वाले चुनाव में दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल को जिताएगी और उन्हें फिर से सीएम बनाएगी. तब तक अरविंद केजरीवाल की यह कुर्सी यहीं रहेगी.
उन्होंने कहा कि बीते दो सालों में भाजपा ने अरविंद केजरीवाल की छवि खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. उन्हें 6 महीने तक जेल में रखा गया. कोर्ट ने भी कहा कि एजेंसी ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया है. 43 साल की उम्र में आतिशी ने सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के नक्शेकदम पर चलते हुए दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला.
17 सितंबर को केजरीवाल ने दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया और आतिशी ने आबकारी नीति मामले में तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा होने के कुछ दिनों बाद नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह राजनेता नहीं हैं और आरोपों ने उन्हें प्रभावित किया है, जिसके चलते उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा.
रविवार को जंतर-मंतर पर 'जनता की अदालत' को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा था कि मैंने इस्तीफा दे दिया क्योंकि मैं यहां (राजनीति में) भ्रष्टाचार करने नहीं आया हूं. मुझे सीएम की कुर्सी का कोई लालच नहीं है. मैं यहां पैसा कमाने नहीं आया हूं. मैंने इनकम टैक्स की नौकरी की है, अगर मैं चाहता तो करोड़ों कमा सकता था. मैं देश के लिए, भारत माता के लिए, देश की राजनीति बदलने के लिए राजनीति में आया हूं. केजरीवाल ने कहा कि वह तभी पद पर लौटेंगे जब उन्हें फरवरी 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों में दिल्ली की जनता से दोबारा जनादेश मिलेगा.