नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस पीरागढ़ी में रविवार को कार के अंदर मिली तीन लाशों के मामले में एक तांत्रिक और उसके एक साथी से पूछताछ कर रही है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित रंधीर (76), नरेश सिंह (47) और लक्ष्मी देवी (40) सुबह पीरागढ़ी में बाबा से मिले थे और दोपहर में वापस लौटे थे. पुलिस ने बताया कि पीड़ित सुबह 10:30 बजे पीरागढ़ी में बाबा से मिले और रिंग रोड से उत्तर-पूर्व दिल्ली की ओर गए. इसके बाद वे लगभग 3 बजे उसी इलाके में वापस आ गए.
यह भी पढ़ें: जनरल नरवणे ने अपनी किताब पर तोड़ी चुप्पी, जिसे हाथ में लेकर राहुल गांधी ने मचाया था तहलका!
आगे की जांच से पता चला है कि ये तीनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे. रंधीर और शिव नरेश दोनों प्रॉपर्टी बिजनेस से जुड़े थे, जबकि लक्ष्मी बुजुर्गों की देखभाल (एलीयरली होम केयर) में काम करती थी. पुलिस ने कहा कि तीनों के बीच लगातार संपर्क था. लाशों के पास तीन शराब की बोतलें और इस्तेमाल किए गए डिस्पोजेबल ग्लास मिले हैं. शिव नरेश और लक्ष्मी के मुंह में उल्टी के निशान थे, साथ ही डिस्पोजेबल ग्लासों में भी.
यह भी पढ़ें: 8 साल से पत्नी ने नहीं आने दिया पास, पति ने काटा खुदका जननांग, अब बीवी ने ये कहा...
जांच में यह भी सामने आया है कि लक्ष्मी की पहले शादी हो चुकी थी. उसका पूर्व पति बिहार में रहता है, जबकि वह अपने वर्तमान पति के साथ दिल्ली में रहती थी. पुलिस ने तीनों के प्रोफाइल की जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया. शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान भी नहीं मिले हैं. रंधीर और शिव नरेश का पोस्टमॉर्टम हो चुका है, जबकि लक्ष्मी का पोस्टमॉर्टम अभी बाकी है.
यह भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया सहित इन देशों में Corona से भी खतरनाक वायरस का आतंक, भारत भी अछूता नहीं!
उनके शरीर के विषैले पदार्थ (विसरा) की जांच के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि शरीर में किसी रासायनिक पदार्थ की जांच हो सके. तांत्रिक और उसके साथी से पूछताछ के अलावा, पुलिस पीड़ितों के यात्रा मार्ग के साथ हर गतिविधि की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही है. इससे पहले, इंडिया टुडे को सूत्रों ने बताया था कि मौत का कारण जहर हो सकता है, क्योंकि घटनास्थल पर लूटपाट या किसी संघर्ष या चोरी से जुड़े किसी भी प्रकार के फाउल प्ले के तत्काल संकेत नहीं मिले थे.