नई दिल्ली: अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने हाल ही में भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के मौके पर एक ग्राफिक जारी किया था, जिसमें भारत का मानचित्र दिखाया गया. इस नक्शे में जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी शामिल था, भारत का अभिन्न अंग दर्शाया गया था. साथ ही, अक्साई चिन क्षेत्र को भी भारत के अंतर्गत दिखाया गया, जो चीन द्वारा दावा किया जाता है.
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यह मानचित्र 7 फरवरी 2026 को @USTradeRep हैंडल पर पोस्ट किया गया था और इसे कई लोग महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत मान रहे थे. दशकों से अमेरिका कश्मीर को भारत-पाकिस्तान के बीच विवादित मुद्दा मानकर तटस्थ रहता आया है, और उसके मानचित्रों में PoK को अलग से चिह्नित या डैश्ड लाइन से दिखाया जाता था. इस बार ऐसा नहीं किया गया, जिससे सोशल मीडिया पर काफी उत्साह और चर्चा हुई. कई लोगों ने इसे पाकिस्तान और चीन को दिया गया मजबूत संदेश बताया.
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हालांकि, अब यह मानचित्र USTR के हैंडल से हटा दिया गया है. इस हटाने के पीछे कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है. उधर, USTR ने हाल में बांग्लादेश और अर्जेंटीना के साथ व्यापार समझौतों के लिए उनके मानचित्र पोस्ट किए हैं, जो अभी भी उपलब्ध हैं, लेकिन भारत वाला ग्राफिक गायब है.
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अमेरिका की आधिकारिक नीति अभी भी यही है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है. वह तभी मध्यस्थता करेगा, जब दोनों देश स्पष्ट रूप से अनुरोध करें. पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन भारत ने उसे सिरे से नकार दिया था. यह घटना कूटनीतिक संकेतों और व्यापारिक ग्राफिक्स के बीच संवेदनशील संतुलन को दर्शाती है, जहां एक छोटा-सा बदलाव भी बड़े सवाल खड़े कर देता है.