नई दिल्ली: पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Former Indian Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने मंगलवार को अपनी अप्रकाशित किताब को लेकर विवाद पर चुप्पी तोड़ी और पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) के एक पोस्ट को शेयर किया. जनरल (सेवानिवृत्त) नरवणे ने लिखा कि यह किताब की स्थिति है, जिसमें उन्होंने प्रकाशक के दावे का समर्थन किया कि किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई और कोई अधिकृत प्रतियां मौजूद नहीं हैं.
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पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के बयान में कहा गया है कि उनके पास 'Four Stars of Destiny' नामक किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार हैं, जो जनरल नरवणे की आत्मकथा है, पूर्व भारतीय सेना प्रमुख. प्रकाशक ने स्पष्ट किया कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और कोई प्रतियां प्रिंट या डिजिटल रूप में उनके द्वारा प्रकाशित, वितरित, बेची या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई हैं.
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प्रकाशक ने आगे कहा कि वर्तमान में किसी भी प्लेटफॉर्म या फॉर्मेट में किताब की जो भी प्रतियां (पूरी या आंशिक) प्रसारित हो रही हैं, वे कॉपीराइट उल्लंघन हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वे किताब के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ कानूनी उपाय अपनाएंगे.