नई दिल्ली: दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार (9 फरवरी 2026) दोपहर को एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. यहां 35 वर्षीय प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स कारोबारी वैभव गांधी की फैक्ट्री के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैभव गांधी अपनी फैक्ट्री से बाहर निकले थे और एक लैपटॉप बैग लेकर खड़े थे.
अचानक तीन-चार बाइक सवार हमलावर आए. उन्होंने पहले बैग छीनने की कोशिश की. वैभव ने विरोध किया और भागने लगे, लेकिन बदमाशों ने उन्हें करीब 50 मीटर तक दौड़ाकर कई गोलियां दाग दीं. एक गोली ठोड़ी में लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. लोगों ने उन्हें पास के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
दिल्ली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. CCTV फुटेज खंगाली गई, जिसमें हमलावरों की बाइक और हरकतें कैद हुई हैं. पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 12:51 बजे अस्पताल से सूचना मिली थी कि गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है. वैभव की फैक्ट्री सेक्टर-4 DSIIDC इलाके में है.
परिवार वालों का कहना है कि वैभव की किसी से कोई पुरानी दुश्मनी या रंजिश नहीं थी. फिर भी, मंगलवार (10 फरवरी) को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली. पोस्ट 'रणदीप मलिक अनिल पंडित' नाम के अकाउंट से की गई, जिसमें अमेरिका से जुड़े इन दोनों ने दावा किया कि यह कार्रवाई लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी मान, हाशिम बाबा और काला राणा गिरोहों की ओर से की गई.
पोस्ट में लिखा था, "जय महाकाल... जय श्री राम... सेक्टर-4 बवाना दिल्ली में बिजनेसमैन वैभव गांधी की जो हत्या हुई है, ये मैंने रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने USA से करवाई है. जहां हमने कॉल की थी, वो वहां बीच में एंट्री कर रहा था, इसलिए हमने इसको इसकी जिंदगी से एग्जिट कर दिया. सभी कान खोलकर सुन लो, अगर किसी ने हमारे काम में बीच में आने की कोशिश की तो बिना कॉल किए ही मरवा देंगे."
पुलिस इस पोस्ट की सत्यता जांच रही है और गैंग के कनेक्शन की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. मामला गंभीर होने के कारण कई टीमें सक्रिय हैं. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन जांच तेज है. यह घटना दिल्ली में बढ़ते गैंगस्टरवाद और एक्सटॉर्शन से जुड़े खतरों की ओर इशारा करती है. स्थानीय व्यापारियों में डर का माहौल है.