नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बारामती विमान हादसे को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है. नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि 28 जनवरी 2026 को हुए इस दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले जारी हो सकती है. यह हादसा लियरजेट 45 (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) का था, जो वीएसआर वेंचर्स कंपनी द्वारा संचालित था. इस विमान में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोग सवार थे, और दुर्भाग्यवश सभी की मौत हो गई.
अजित पवार के भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया था. उन्होंने विमान की मालिकी, तकनीकी खामियों और अन्य कमियों का जिक्र किया. केंद्र ने इन बातों पर ध्यान देते हुए कार्रवाई शुरू की है.
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेही वाली होगी. सभी पक्षों से अपील की गई है कि वे बिना सबूत के अफवाहें न फैलाएं और जांच प्रक्रिया को अपने तरीके से चलने दें. जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) कर रही है, जो मलबे की बारीकी से जांच, रखरखाव रिकॉर्ड, ऑपरेशनल डेटा और जरूरत पड़ने पर पार्ट्स की लैब जांच पर आधारित है.
विमान में दो फ्लाइट रिकॉर्डर थे
डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) को दिल्ली में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है. कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को आग से थर्मल क्षति पहुंची है. इसे हनीवेल कंपनी ने बनाया था, इसलिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत निर्माता देश से तकनीकी सहायता ली जा रही है. 2025 में डीजीसीए ने गैर-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों के 51 ऑडिट किए थे, जिसमें वीएसआर वेंचर्स की भी कई बार जांच हुई. फ्लाइट सेफ्टी, ड्यूटी टाइम, मेंटेनेंस, दस्तावेज और अन्य पहलुओं की समीक्षा की गई और कमियां दूर की गईं.
हादसे के बाद मंत्रालय ने डीजीसीए को कंपनी का विशेष ऑडिट करने का निर्देश दिया. इसमें रेगुलेटरी अनुपालन, ऑपरेशनल सिस्टम, रखरखाव, क्रू ट्रेनिंग, सेफ्टी मैनेजमेंट और रिकॉर्डर मॉनिटरिंग की पूरी जांच हो रही है. यह ऑडिट 4 फरवरी 2026 से शुरू हुआ और जल्द पूरा होने की उम्मीद है. नतीजों के आधार पर डीजीसीए की नीति के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी.