नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनाव बढ़ गया है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने वाले कार्यक्रम से ठीक पहले कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं. शहर के सदर सर्राफा बाजार और आसपास के इलाकों में कई कश्मीरी युवक चंदा इकट्ठा करने के नाम पर घूमते देखे गए.
स्थानीय व्यापारियों को उनकी हरकतें शक के दायरे में आईं. जब व्यापारियों ने इनसे सवाल किया तो कुछ युवकों ने अभद्रता और गाली-गलौज की, जिससे मामला बिगड़ गया. व्यापारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और कुछ लोगों को मौके पर ही रोक लिया. पुलिस ने इन्हें सदर थाने ले जाकर शुरुआती जांच की. नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी पर ज्यादातर को छोड़ दिया गया.
लेकिन सर्राफा व्यापार संघ के अध्यक्ष और अन्य व्यापारियों ने इसकी शिकायत कैंट विधायक अमित अग्रवाल से की. विधायक ने घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस से सवाल किए कि पीएम के दौरे से पहले इतनी बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की मौजूदगी की पहले से जांच क्यों नहीं हुई. उन्होंने सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
इसके बाद पुलिस ने रात में कार्रवाई तेज की. सदर और लिसाड़ीगेट/लोहियानगर से कुल 13 युवकों को दोबारा हिरासत में लिया गया. इनमें से 8 एक इलाके से और 5 दूसरे से पकड़े गए. बाकी दो साथी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए जुटी हुई है.
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों का यक्ष ऐप के जरिए डिजिटल वेरिफिकेशन किया जा रहा है. साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस से भी इनकी पृष्ठभूमि की जांच करवाई जा रही है. खुफिया विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें भी गहन पूछताछ में लगी हुई हैं.
यह पूरा मामला पीएम के प्रस्तावित दौरे (जिसमें नमो भारत ट्रेन और मेट्रो से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं) से जुड़ा होने के कारण शहर में हाई अलर्ट जैसी स्थिति पैदा हो गई है. जांच अभी जारी है और किसी भी तरह की संभावित चुनौती से निपटने के लिए एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं.