पत्नी बिना किसी सही वजह के पति का घर छोड़ती है, तो नहीं मिलेगा मेंटेनेंस, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Amanat Ansari 05 Feb 2026 02:07: PM 2 Mins
पत्नी बिना किसी सही वजह के पति का घर छोड़ती है, तो नहीं मिलेगा मेंटेनेंस, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली: एक महत्वपूर्ण फैसले में, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई पत्नी बिना पर्याप्त और उचित कारण के अपने पति से अलग रहने का फैसला करती है, तो उसे भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का हक नहीं होगा. कोर्ट की बेंच ने कहा कि वैवाहिक स्थिति केवल भरण-पोषण का आधार नहीं है, बल्कि पत्नी के आचरण पर भी जोर दिया जाना चाहिए.

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इस मामले में एक महिला ने शादी के सिर्फ चार दिन बाद अपने ससुराल छोड़ दिया था. उसने दहेज उत्पीड़न और पति तथा ससुराल वालों द्वारा मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया. उसने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने कार और 10 लाख रुपये की मांग की थी. बाद में उसने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग की.

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बिलासपुर की फैमिली कोर्ट ने उसकी भरण-पोषण की याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने नोट किया कि पति ने वैवाहिक अधिकारों की बहाली (Restitution of Conjugal Rights) के लिए याचिका दायर की थी, जो दर्शाता है कि वह शादी जारी रखने के लिए तैयार था. हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और कहा कि पत्नी के अलग रहने को सही ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे.

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बेंच ने कहा कि जब पत्नी बिना उचित कारण के ससुराल छोड़ देती है और पति द्वारा कानूनी प्रयासों (जैसे धारा 9 HMA) के बावजूद वापस लौटने से इनकार करती है, तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती. कोर्ट ने CrPC की धारा 125 का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि पत्नी बिना पर्याप्त कारण के अलग रहती है, तो उसे भरण-पोषण नहीं मिलेगा.

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कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उस सिद्धांत को मजबूत करता है कि भरण-पोषण के कानून वास्तविक परित्याग और क्रूरता के मामलों की सुरक्षा के लिए हैं, न कि ऐसी अलगाव की स्थिति में जहां कोई वैध आधार न हो.

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