नई दिल्ली: दिल्ली में 20 जुलाई को नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई से छात्रों में भारी आक्रोश है. अब इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक नया और आक्रामक कदम उठाया है. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने घोषणा की कि संगठन जल्द ही एक नई वेबसाइट लॉन्च करेगा, जिसमें घायल छात्रों की फोटो, वीडियो और पूरी डिटेल्स अपलोड की जाएंगी.
साथ ही लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक रूप से जारी की जाएंगी. दास ने कहा, ''जो पुलिस वाले छात्रों का सिर फोड़ने, हाथ-पैर तोड़ने या महिलाओं-युवतियों पर अत्याचार करने में शामिल थे, उनकी एक-एक तस्वीर हम इकट्ठा करेंगे. हम चुप नहीं बैठेंगे.''
वेबसाइट पर क्या होगा?
CJP का आरोप है कि 20 जुलाई को पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाय मनमानी की. कई युवा गंभीर रूप से घायल हुए, कुछ के सिर फटे और हाथ टूटे. महिलाओं पर मारपीट और बदसलूकी के भी आरोप लगे हैं.
संगठन इसे युवाओं के साथ नाइंसाफी के खिलाफ लड़ाई बता रहा है. इस मामले में 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है, जहां पहले ही दो PIL दाखिल हो चुकी हैं. CJP का यह नया प्लान प्रदर्शनकारियों को सबूत इकट्ठा करने और कानूनी लड़ाई लड़ने का मौका देगा, लेकिन पुलिस की तस्वीरें सार्वजनिक करने को लेकर विवाद भी खड़ा हो सकता है.