बिजनौर: साइबर धोखेबाजों के मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से त्रस्त एक युवा विवाहित महिला ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. मृतका मोनिका ने जो सुसाइड नोट लिखा, उसमें उसके दर्द और बेबसी का पूरा सच सामने आया है.
यह दुखद घटना बिजनौर जिले के फरीदपुर भोगी गांव की है.
मोनिका की डायरी से मिले लगभग डेढ़ पन्ने के सुसाइड नोट में उसने लिखा, ''सॉरी डियर हसबैंड... आई लव यू पतिदेव जी. मुझे आपसे बहुत कुछ कहना है. पिछले कई दिनों से एक लड़का मुझे लगातार परेशान कर रहा है और अब ब्लैकमेल कर रहा है. प्लीज मुझे माफ कर देना. आपने मुझे बहुत प्यार दिया, इसलिए मैं आपसे झूठ नहीं बोल सकती. प्लीज मेरे बच्चों का ख्याल रखना.''
मोनिका ने अपने माता-पिता और भाइयों से भी माफी मांगी और अपनी बेटी के लिए भावुक शब्द लिखे. परिवार के अनुसार, मोनिका पिछले कई दिनों से बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में थी, लेकिन उसने किसी को अपनी परेशानी नहीं बताई. सुसाइड नोट में लिखी अधूरी बातों से साफ झलकता है कि वह कितने भय और दबाव में जी रही थी.
साइबर ठगों ने किया था डिजिटल अरेस्ट
जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर मोनिका को फंसाया हुआ था. वे बार-बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल और मैसेज करते थे. कुछ नंबर विदेशी कोड वाले भी थे. आरोपी उसे और उसके पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां देते थे, जिससे मोनिका पूरी तरह टूट चुकी थी.
मोनिका के पति रणधीर ने बताया कि घटना से एक दिन पहले मोनिका घर से 5,000 रुपए लेकर गई थी. बाद में पता चला कि उसने किसी साइबर कैफे से यह रकम ट्रांसफर कर दी थी. उसके फोन में न तो UPI था और न ही कोई बैंकिंग ऐप इस्तेमाल हुआ था. इससे परिवार को शक हो गया कि यह पैसा साइबर ठगों को ही भेजा गया होगा.
पति ने पुलिस को तीन मोबाइल नंबर भी सौंपे हैं, जिनसे मोनिका को लगातार कॉल आ रहे थे. परिवार का कहना है कि मोनिका का अंतिम संस्कार हो रहा था, उसी समय भी एक युवक ने वीडियो कॉल करके संपर्क करने की कोशिश की थी.
28 अप्रैल की सुबह पुलिस को तुरंत सूचना नहीं दी गई और परिवार ने पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया था. बाद में सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामले में साइबर ठगी का एंगल सामने आया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.