Dalai Lama Epstein: दलाई लामा के कार्यालय ने रविवार को मीडिया के कुछ हिस्सों और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर फैली उन अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें तिब्बती आध्यात्मिक नेता को दोषी ठहराए गए सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी. दलाई लामा के कार्यालय ने कहा कि तिब्बती नेता ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की.
8 फरवरी को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कार्यालय ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स’ से संबंधित कुछ हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में हिस होलिनेस दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. इसमें आगे कहा गया कि हम स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं कि हिस होलिनेस ने कभी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और न ही किसी को उनके बिहाफ पर कोई मुलाकात या संपर्क करने की अनुमति दी है.
यह स्पष्टीकरण ऐसे रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी दस्तावेजों में दलाई लामा का नाम आने का जिक्र किया गया था, जिसमें चीनी राज्य मीडिया भी शामिल था. पिछले महीने, संयुक्त राज्य अमेरिका के न्याय विभाग ने एपस्टीन की जांच से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज, फोटोग्राफ्स और वीडियोज की नवीनतम खेप सार्वजनिक की थी.
दस्तावेजों में दलाई लामा का नाम कई बार आता है. हालांकि, एक एएफपी रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें दलाई लामा और एपस्टीन के बीच किसी मुलाकात या संपर्क का कोई जिक्र नहीं मिला. किसी व्यक्ति का नाम दस्तावेजों में आना अपने आप में किसी गलत काम का संकेत नहीं देता. 90 वर्षीय दलाई लामा 1959 में ल्हासा से चीन के शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद निर्वासन में धरमशाला में रह रहे हैं. बीजिंग उन्हें अलगाववादी मानता है, जिसे वे नकारते हैं और कहते हैं कि वे तिब्बतियों के लिए अधिक स्वायत्तता चाहते हैं.
चीनी राज्य प्रसारक चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) ने पहले दावा किया था कि दलाई लामा का नाम दस्तावेजों में कम से कम 169 बार आया है. इसने एक अज्ञात प्रेषक के ईमेल का हवाला दिया, जिसमें एपस्टीन को बताया गया था कि वह एक ऐसे इवेंट में जाने पर विचार कर रहा है जहां दलाई लामा मौजूद होने वाले थे.
उस संदेश में लिखा था कि लगभग एक महीने पहले द्वीप पर जो इवेंट मैंने आपको बताया था, उसमें दलाई लामा आ रहे हैं और मैं उन्हें देखने जाना चाहता हूं. लेकिन अगर आपको आज मेरी मदद चाहिए तो मैं इस इवेंट को छोड़ सकता हूं. एक बाद के मेल में प्रेषक ने लिखा कि अब दलाई लामा के इवेंट में जा रहा हूं. हालांकि, कोई संकेत नहीं है कि उस व्यक्ति ने वास्तव में तिब्बती नेता से मुलाकात की या उन्हें देखा, जिन्होंने दुनिया भर में असंख्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया है.
ऐसी कोशिशों पर प्रतिक्रिया देते हुए, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि दलाई लामा की पूजनीय संस्था को विवादों में हल्के में नहीं खींचना चाहिए. उन्होंने लिखा कि दलाई लामा की पूजनीय संस्था को एपस्टीन फाइल्स या किसी अन्य मुद्दे से हल्के में नहीं जोड़ा जाना चाहिए, जिसका मकसद इस पवित्र संस्था को नुकसान पहुंचाना हो. हमें अनैतिक जीवनशैली, हुकअप-कल्चर और असामान्य संबंधों का शिकार नहीं बनना चाहिए.