नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर जारी राजनीतिक अटकलों के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व ने फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़े रहने का फैसला किया है. पार्टी का मानना है कि मौजूदा विवाद के आधार पर उनका इस्तीफा लेने का कोई कारण नहीं बनता. ऐसे में साफ संकेत हैं कि धर्मेंद्र प्रधान फिलहाल केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने पद पर बने रहेंगे.
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आगामी कैबिनेट फेरबदल के दौरान उनका मंत्रालय बदला जा सकता है. सूत्रों का दावा है कि शिक्षा मंत्रालय की जगह उन्हें किसी अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
धर्मेंद्र प्रधान हाल के दिनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग भी उठती रही है. इसके बावजूद सत्ता पक्ष का रुख फिलहाल उनके समर्थन में दिखाई दे रहा है. भाजपा नेतृत्व का मानना है कि विपक्ष के दबाव में कोई फैसला लेने की आवश्यकता नहीं है.
अब सबकी नजर संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल पर टिकी है. यदि बदलाव होता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि धर्मेंद्र प्रधान को कौन-सा नया मंत्रालय मिलता है और शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है.
फिलहाल उपलब्ध जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है. सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही मंत्रालय में किसी संभावित बदलाव की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.